
जमशेदपुर।
भाजपा नेत्री और पश्चिम बंगाल की आसनसोल से विधायक अग्निमित्रा पाल ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) बेहद जरूरी है, क्योंकि राज्य में बड़े पैमाने पर घुसपैठ हो रही है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी, रोहिंग्या और पाकिस्तानी घुसपैठिए बंगाल में दाखिल होकर जमीन कब्जा कर रहे हैं, और मौजूदा सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।


घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के समर्थन में पहुंचीं अग्निमित्रा पाल ने कहा कि इस बार का उपचुनाव झारखंड और बंगाल की जनता के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि SIR पहले भी 12 राज्यों में हो चुका है, और यह बंगाल में भी होना चाहिए ताकि फर्जी मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें। उन्होंने दावा किया कि “ममता बनर्जी की सरकार चुनाव में घुसपैठियों के वोटों से जीतती है, इसलिए SIR का विरोध कर रही है।”
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अग्निमित्रा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि “ममता दीदी खुद सीपीएम शासन में इस प्रक्रिया के पक्ष में थीं, तब उन्होंने विधानसभा में डिप्टी स्पीकर के सामने इसके दस्तावेज तक फेंके थे, और अब उसी SIR का विरोध कर रही हैं।”
भाजपा नेत्री ने ममता बनर्जी के महिलाओं पर दिए बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कहती हैं कि महिलाएं रात में बाहर न निकलें। क्या उनका मतलब यह है कि महिला डॉक्टर, नर्स, कॉल सेंटर की कर्मचारी या ड्यूटी पर तैनात महिलाएं अपने काम पर न जाएं?”
उन्होंने कहा कि यह बयान महिलाओं के प्रति असम्मानजनक और दकियानूसी सोच को दर्शाता है।
अग्निमित्रा पाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्वकप जीतकर इतिहास रचा है, वहीं हमारी महिला सैनिक सीमाओं पर कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा कर रही हैं, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री महिलाओं को घरों में कैद रखना चाहती हैं।”
स्वास्थ्य साथी योजना पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना पूरी तरह विफल है। ममता सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू नहीं होने दिया, जिससे जनता पाँच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा से वंचित रह गई। उन्होंने कहा कि जिनके पास स्वास्थ्य साथी कार्ड है, उन्हें कैंसर, किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों में अस्पतालों से इंकार कर दिया जाता है।
घाटशिला उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि झारखंड की मौजूदा सरकार जनता से किए वादे निभाने में विफल रही है, इसलिए जनता इस बार सबक सिखाएगी।

