
जमशेदपुर, 18 जून 2026:
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बारीडीह शाखा (विजय गार्डन) द्वारा सामुदायिक केंद्र, बारीडीह में एक बेहद महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। यहां 26वें मादक द्रव्य निषेध जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को नशे की गर्त में जाने से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर करना है।

विकसित भारत की पहचान, नशा मुक्त हिंदुस्तान
इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” थीम पर किया गया था। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के 110 बच्चों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आधुनिक दौर में बढ़ते नशे के जाल और उसके भयानक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि कैसे एक छोटी सी भूल उनके पूरे करियर और जीवन को तबाह कर सकती है।
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बच्चों और शिक्षकों ने ली नशामुक्त समाज की शपथ
कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा। सामुदायिक केंद्र में उपस्थित सभी 110 बच्चों और शिक्षकों ने हाथ आगे बढ़ाकर जीवन में कभी भी नशे को हाथ न लगाने की कसम खाई। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार, पास-पड़ोस और पूरे समाज को नशामुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवन शैली अपनाकर ही देश को उन्नति के शिखर पर ले जाया जा सकता है।
समाज और परिवार को खोखला कर रहा है नशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को भी खोखला कर देता है। आज का युवा कल का भविष्य है। यदि हमारी युवा पीढ़ी ही भटक जाएगी, तो देश का विकास रुक जाएगा। बच्चों और युवाओं में सही समय पर जागरूकता लाकर ही “नशामुक्त भारत” के बड़े लक्ष्य को हकीकत में बदला जा सकता है।
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जागरूकता फैलाना ही मुख्य उद्देश्य
बारीडीह में आयोजित इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य बच्चों और युवाओं के बीच जागरूकता की एक ऐसी लहर पैदा करना था, जिससे वे खुद तो नशे से दूर रहें ही, साथ ही दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनें। इस अभियान को स्थानीय लोगों द्वारा काफी सराहा जा रहा है, और आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

