
जमशेदपुर और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में हाथियों का उपद्रव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने शुक्रवार को जमशेदपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सबा आलम अंसारी से उनके सीएच एरिया स्थित कार्यालय में विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों के बढ़ते उपद्रव पर चिंता व्यक्त की और लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग से त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाने का कड़ा आग्रह किया।
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10 वर्षों में 47 मौतें, फसलों और घरों का भारी नुकसान
डॉ. गोस्वामी ने वन विभाग को जमीनी हकीकत और भयावह आंकड़ों से अवगत कराते हुए बताया कि विगत दस वर्षों में चाकुलिया और बहरागोड़ा क्षेत्र में हाथियों के जानलेवा हमलों से 47 निर्दोष लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 41 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि केवल वर्ष 2026 में अब तक पाँच लोगों की जान जा चुकी है और पाँच लोग घायल हुए हैं। हाथियों के झुंड बेखौफ होकर गांवों में प्रवेश कर रहे हैं, घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर रहे हैं और गरीब किसानों की खून-पसीने की फसलों को रौंदकर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगल से सटे गांवों के ग्रामीण हर रात दहशत के साये में जीने को विवश हैं।
मुआवजा, सुरक्षा सामग्री और दलमा भेजने की ठोस कार्ययोजना
वन विभाग से डॉ. गोस्वामी ने मांग की कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से वापस दलमा के घने जंगलों में भेजने की ठोस और वैज्ञानिक व्यवस्था की जाए। उन्होंने हाथी के हमले में मारे गए चाकुलिया प्रखंड के कालियाम गांव निवासी अनिल महतो के आश्रितों को सरकार द्वारा निर्धारित 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान महज 15 दिनों के भीतर करने की सख्त मांग की।
ग्रामीणों के आत्मरक्षा उपायों पर जोर देते हुए उन्होंने वन विभाग से अपील की कि हाथी प्रभावित गांवों में लोगों को बचाव के लिए पर्याप्त संख्या में टॉर्च, मशाल, पटाखे और अन्य सुरक्षा सामग्रियां अविलंब उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही, जंगल से सटे गांवों में जगह-जगह सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का भी आग्रह किया गया, ताकि रात के अंधेरे में हाथियों की गतिविधियों का समय रहते पता चल सके और जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।
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मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा जरूरी
डॉ. गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि मानव जीवन की रक्षा के साथ-साथ हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी वन विभाग की ही प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विभाग को स्थानीय ग्रामीणों के साथ बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित कर एक दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा भी प्रमुखता से उपस्थित थे और उन्होंने भी ग्रामीणों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया।


