
जमशेदपुर।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी अब आर-पार के मूड में आ गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जमशेदपुर महानगर भाजपा के तत्वावधान में जिला कार्यालय से लेकर साकची गोलचक्कर तक एक विराट मशाल जुलूस निकाला गया। इस विशाल जुलूस के माध्यम से भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने राज्य की जनता को स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पार्टी किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। यह आंदोलन अब राज्य के हर जिले और सड़कों तक पहुंच चुका है।


छात्रों के भविष्य और CBI जांच की मांग
भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास शिक्षा मंत्रालय का भी प्रभार है, इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। भाजपा ने राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी (CID) जांच को नाकाफी बताते हुए इसे तत्काल खारिज कर दिया है। अभय सिंह ने स्पष्ट किया कि असली गुनहगारों को बचाने के लिए आनन-फानन में सीआईडी जांच का दिखावा किया जा रहा है और केवल छोटे प्यादों को पकड़ा जा रहा है। पार्टी ने मामले की निष्पक्षता के लिए सीबीआई (CBI) जांच की कड़ी मांग की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और दोषियों को कड़ी सजा मिले।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना
मशाल जुलूस के दौरान कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के दोहरे रवैये पर भी जमकर हमला बोला गया। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक मामले में दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने वाले राहुल गांधी, झारखंड में अपनी ही गठबंधन सरकार में हुए पेपर लीक पर पूरी तरह से खामोश हैं। यह उनकी दोहरी नीति को दर्शाता है। वहीं, दूसरी ओर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा पेपर लीक के खिलाफ बनाए गए कठोर कानून की सराहना की गई, जिससे भविष्य में अपराधियों पर नकेल कसी जा सकेगी।
READ MORE :CHAIBASA NEWS: झारखंड, ओडिशा और बंगाल के पुलिस अधिकारियों की अहम बैठक, नक्सलवाद और तस्करी पर प्रहार की तैयारी
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम
इस विराट मशाल जुलूस का नेतृत्व भाजपा के जमशेदपुर महानगर जिला अध्यक्ष संजीव सिंह ने किया। जुलूस में बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कार्यक्रम में पार्टी के उपाध्यक्ष सहित अन्य सभी वरिष्ठ नेता भी प्रमुखता से उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में हेमंत सरकार से इस्तीफे की मांग की और छात्रों के हित में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।




