जमशेदपुर । बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेम्बर भवन में एक महत्वपूर्ण संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त जयंत मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता, व्यापारी और उद्यमी शामिल हुए।
एयर कनेक्टिविटी पर बड़ा बयान
अपने संबोधन में जयंत मिश्रा ने कहा कि जमशेदपुर और झारखंड के अन्य क्षेत्रों में हवाई संपर्क की कमी विकास की गति को प्रभावित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयर कनेक्टिविटी का अभाव न केवल निवेश को प्रभावित करता है, बल्कि इसका सीधा असर राजस्व वृद्धि पर भी पड़ता है।
नए आयकर अधिनियम 2025 की जानकारी
उन्होंने बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025 पारित हो चुका है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। पुराने कानून के अंतर्गत लंबित मामलों और विवादों का निपटारा पूर्व नियमों के अनुसार ही किया जाएगा। ऐसे में कर पेशेवरों को दोनों अधिनियमों के तहत काम करना होगा।
सरल और पारदर्शी कर प्रणाली पर जोर
जयंत मिश्रा ने कहा कि नया आयकर कानून अधिक सरल और समझने में आसान बनाया गया है, ताकि करदाताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया सहज हो सके। उन्होंने इसे सरकार की उस पहल का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य कर प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
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टैक्स फाइलिंग में कमी पर चिंता
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि देश में लगभग 75 करोड़ पैन धारकों में से केवल करीब 9 करोड़ लोग ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। झारखंड में यह अनुपात लगभग 4% है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि करदाता आधार बढ़ाना आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।
समय पर टैक्स भुगतान की अपील
उन्होंने करदाताओं से अपील की कि वे अग्रिम कर का भुगतान समय पर करें और देरी से बचें। समय पर कर भुगतान से ब्याज और दंड से बचा जा सकता है तथा देश की वित्तीय व्यवस्था मजबूत होती है।
चेम्बर और विभाग के बीच सहयोग
कार्यक्रम के दौरान सिंहभूम चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि ऐसे इंटरैक्टिव सत्र व्यापारियों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करते हैं। वहीं उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने इस पहल को सहयोगात्मक संबंधों को बढ़ाने वाला बताया।
जागरूकता कार्यक्रमों की योजना
आयकर विभाग और चेम्बर मिलकर नए आयकर अधिनियम पर जागरूकता सेमिनार आयोजित करेंगे, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता, उद्यमी और शिक्षाविद शामिल होंगे। यह पहल करदाताओं को नई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने में मदद करेगी।



