
जमशेदपुर: जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मैट्रिक-इंटर परीक्षा परिणाम, सर्व शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन (MDM), और आधारभूत संरचना सहित कई अहम विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की गई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई।
किताब वितरण में सुस्ती पर 7 BPO पर गिरी गाज
बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों के वितरण की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने कड़ी अप्रसन्नता व्यक्त की। समीक्षा में पाया गया कि बोड़ाम, धालभूमगढ़, डुमरिया, घाटशिला, गुड़ाबांदा, मुसाबनी और पटमदा प्रखंडों में किताबों का वितरण 90% से भी कम हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीसी ने इन सभी 7 प्रखंडों के बीपीओ (BPO) को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए उनके वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही, अगले दो दिनों के भीतर सभी बच्चों को शत-प्रतिशत पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया गया है।
मैट्रिक-इंटर के टॉपर्स और बेहतर शिक्षक होंगे सम्मानित
वर्ष 2026 के बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगले वर्ष इससे भी बेहतर परिणाम लाने के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल शानदार रिजल्ट देने वाले स्कूलों, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और 10वीं-12वीं के टॉपर्स बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, गर्मी की छुट्टियों के बाद ‘सिकुई-दिकुई अभियान’ को फिर से पूरे मनोयोग से शुरू करने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत अधिकारी स्कूलों को गोद लेकर वहां की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने का प्रयास करते हैं।
निजी स्कूलों में BPL नामांकन और APAAR ID पर जोर
उपायुक्त ने निजी विद्यालयों (Private Schools) में बीपीएल (BPL) कोटा के तहत गरीब बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया को इसी ग्रीष्मावकाश के दौरान पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीपीएल कोटे की एक भी सीट खाली नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 100% बच्चों का ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) बनाने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग करने का भी निर्देश दिया गया।
आवासीय विद्यालयों में 10 दिन में सुधरेगी व्यवस्था
आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर भी विशेष चर्चा हुई। डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवासीय विद्यालयों में स्वच्छता, सुरक्षा ऑडिट, बुनियादी सुविधाओं और आधारभूत संरचना से जुड़ी समस्याओं का समाधान 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित करें। बैठक में ई-विद्यावाहिनी (e-Vidyavahini) पोर्टल पर उपस्थिति, एमडीएम (MDM) मेन्यू का पालन और बैंक खातों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय सहित अन्य बीईईओ, बीपीओ और सीआरपी उपस्थित थे।



