
जमशेदपुर: नई शिक्षा नीति और सीबीएसई (CBSE) के दिशा-निर्देशों के तहत शहर के शिक्षण संस्थानों में अब केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यावहारिक और सर्वांगीण विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जमशेदपुर के प्रतिष्ठित जुस्को स्कूल साउथ पार्क (Jusco School South Park) में कक्षा 6, 7 और 8 के छात्र-छात्राओं के लिए ‘कौशल बोध’ प्रोजेक्ट गतिविधियों (फेज-1) का बेहद सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कौशल विकास और जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के कुल 480 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
व्यावहारिक शिक्षा और रचनात्मकता पर है स्कूल का जोर
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जानकारी देते हुए विद्यालय की प्राचार्या मिली सिन्हा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) को बढ़ावा देना है। इस कौशल बोध कार्यक्रम के जरिए बच्चों की रचनात्मक क्षमता का विकास करना और उन्हें जीवनोपयोगी व्यावहारिक कौशलों (Practical Life Skills) से गहराई से जोड़ना है।
प्राचार्या ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (Project Based Learning) से विद्यार्थी केवल किताबी और रटे-रटाए ज्ञान तक ही सीमित नहीं रहते हैं, बल्कि वे वास्तविक जीवन की परिस्थितियों, चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझने और उनसे मजबूती से जुड़ने में भी सक्षम बनते हैं। यह पहल बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
छात्रों ने सीखा बिना आग के खाना बनाना और विज्ञापन निर्माण
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत डिजाइन किए गए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तीन प्रमुख क्षेत्रों में बेहतरीन व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। इनमें दैनिक जीवन से जुड़े कार्य, सामग्री एवं मशीनों के साथ सुरक्षित रूप से काम करना और मानव सेवा आधारित कार्य शामिल थे।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कई रोचक, रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से ‘टाई एंड डाई’ (Tie and Dye), पानी की बचत के लिए ‘वाटर ऑडिट’, ‘बिना आग के स्वादिष्ट खाना बनाना’ (Fireless Cooking), रचनात्मक ‘विज्ञापन निर्माण’ (Advertisement Making), ‘पारिवारिक स्वास्थ्य हैंडबुक तैयार करना’ और ‘मेकर स्किल्स’ (Maker Skills) जैसी बेहतरीन गतिविधियाँ शामिल रहीं। बच्चों ने खेल-खेल में जीवन के कई जरूरी और महत्वपूर्ण गुर सीखे, जिसकी सभी ने काफी सराहना की।



