
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने और लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से बुधवार, 19 अगस्त 2026 को समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला विकास, जिला योजना और ग्रामीण विकास शाखा के अंतर्गत संचालित योजनाओं का बिंदुवार आकलन किया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों और अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता (लापरवाही) बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया है, ताकि आम जनता को समय पर इसका लाभ मिल सके।


आधारभूत संरचना और नीति आयोग की योजनाओं पर जोर
समीक्षा के दौरान डीसी ने जिले में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: पुल-पुलिया, पीसीसी सड़क (PCC Roads), पहुंच पथ, पेयजल (Drinking Water), विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और कल्वर्ट निर्माण सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के कार्यों की समीक्षा की गई। डीसी ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के बाद भी लंबित योजनाओं की ‘विशेष मॉनिटरिंग’ करें और किसी प्रकार की बाधा होने पर तत्काल रिपोर्ट सौंपें।
नीति आयोग फंड: नीति आयोग फंड से संचालित ‘मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र’ निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति जांची गई। इसके अलावा, साल पत्ता प्लेट एवं कप निर्माण इकाई, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर, और सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर भी विस्तार से विमर्श हुआ।
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DMFT और सांसद-विधायक निधि के कार्यों में लाएं तेजी
बैठक में डीएमएफटी (District Mineral Foundation Trust) और जनप्रतिनिधियों के मद से स्वीकृत योजनाओं पर भी विशेष फोकस रहा।
DMFT योजनाएं: डीएमएफटी मद से स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में तेजी लाने और भूमि संबंधी विवादों को अंचल कार्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द सुलझाने का निर्देश दिया गया।
सांसद-विधायक मद: उपायुक्त ने सांसद एवं विधायक निधि से संचालित योजनाओं की लंबित निविदा (Tender) प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर कार्य प्रारंभ कराने को कहा। साथ ही, जो योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनका ‘उपयोगिता प्रमाण पत्र’ (Utilization Certificate) समय पर विभाग को सौंपने का निर्देश दिया।
इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) श्री नागेंद्र पासवान, योजना पदाधिकारी, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे।



