
जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त (DC) श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में नगर निकायों के कार्यों और लंबित योजनाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पथ निर्माण, स्ट्रीट लाइट, ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management), नाली-सफाई व्यवस्था, आवास योजनाएं और पर्यावरण संरक्षण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


एजेंसियों को नोटिस, रद्द हो सकते हैं टेंडर
समीक्षा के दौरान पाया गया कि टेंडर पास होने के बावजूद पथ परिवहन से संबंधित कई योजनाओं में अब तक एजेंसियों द्वारा एकरारनामा (Agreement) नहीं किया गया है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने संबंधित एजेंसियों को तत्काल नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार एकरारनामा रद्द करते हुए नए सिरे से टेंडर (Re-Tendering) की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्राथमिकता के आधार पर शहर के सभी लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
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‘शिकायत का इंतजार न करें, रोस्टर से हो नाली की सफाई’
शहर में जलजमाव और कचरे की समस्या पर DC राजीव रंजन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
कचरा प्रबंधन: उन्होंने कहा कि कचरा निस्तारण के लिए केवल अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसके स्थायी समाधान के लिए कचरा संग्रहण, परिवहन और प्रसंस्करण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सफाई व्यवस्था: नाली जाम की समस्या पर उपायुक्त ने कहा कि सफाई केवल शिकायत मिलने पर नहीं, बल्कि नियमित ‘रोस्टर’ के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने जलजमाव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित सफाई और प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने का निर्देश दिया।
स्ट्रीट लाइट, PMAY और आवारा पशुओं के प्रबंधन पर निर्देश
बैठक में शहर की अन्य बुनियादी समस्याओं पर भी अहम फैसले लिए गए:
स्ट्रीट लाइट: शहर के अंधेरे और संवेदनशील स्थानों (विशेषकर थाना स्तर से चिन्हित सूची के आधार पर) पर प्राथमिकता के साथ स्ट्रीट लाइट और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पीएम आवास योजना (PMAY): लाभुकों को बैंक ऋण (Bank Loan) मिलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए अधिकारियों को बैंकों से समन्वय स्थापित कर त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया, ताकि आवास निर्माण में अनावश्यक विलंब न हो।
पशु प्रबंधन: शहरी क्षेत्र में आवारा पशुओं के प्रबंधन के लिए ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर’ (Animal Birth Control Center) और डॉग शेल्टर के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने को कहा गया।
पर्यावरण: चाकुलिया में बन रहे ‘बायो डायवर्सिटी पार्क’ के संपर्क पथ के लिए संबंधित विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी नगर निकाय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित फील्ड निरीक्षण (Field Inspection) करने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), नगर आयुक्त JNAC, अपर नगर आयुक्त मानगो नगर निगम, उप नगर आयुक्त JNAC सहित कई विशेष पदाधिकारी और सिटी मैनेजर उपस्थित थे।
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