
जमशेदपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में कानूनी अलख जगाई जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया गया। जिले में जारी 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत उड़ीसा बॉर्डर पर स्थित बहरागोड़ा प्रखंड के सुदूर गांव बनकटा पंचायत भवन और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान न्याय रथ के माध्यम से ग्रामीणों और छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत किया गया।

सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में कानूनी साक्षरता पर जोर
शिविर में मुख्य रूप से डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी और लीगल एड डिफेंस कौंसिल के चीफ विदेश सिन्हा उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि अक्सर सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग जानकारी के अभाव में अपने कानूनी अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। डालसा का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर सहायक सदस्य मनोज कुमार सिंह, स्कूल की वार्डेन विनीता बिरुआ और मुखिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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बाल विवाह, घरेलू हिंसा और पोक्सो एक्ट पर हुई चर्चा
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में आयोजित शिविर में छात्राओं को महिला व बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाल विवाह, बाल श्रम, पोक्सो एक्ट (POCSO Act), घरेलू हिंसा और ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) जैसे गंभीर विषयों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही समाज में फैली कुरीतियों जैसे डायन प्रथा और नशाखोरी के खिलाफ भी आवाज बुलंद की गई। चाइल्ड प्रोटेक्शन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों के बारे में बताते हुए बच्चियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
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वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प
डालसा पीएलवी आनंद साव, नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायशवाल, राजेश प्रहराज, सम्पारानी पारीक, अनुराग साव, यामिनी सिंह, बलिराम हेंब्रम और सुदामा रजक ने भी शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर का मुख्य उद्देश्य पीड़ित, शोषित और जरूरतमंद लोगों को उनके हक और अधिकार से अवगत कराकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था। वक्ताओं ने बताया कि डालसा समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है, ताकि उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जा सके। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्कूली बच्चियों और स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।


