
जमशेदपुर:
साहित्यिक संस्था दबिस्तान-ए-जमशेदपुर द्वारा विगत संध्या कबीर नगर, कोपाली में एक नातिया नशिस्त का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के कई शायरों, खासकर युवा शायरों ने हिस्सा लिया और बेहतरीन नातिया कलाम पेश किए। श्री अकरम रज़ा (डीएसपी, पूर्वी सिंहभूम) और उर्दू भवन के अध्यक्ष डॉ. हसन इमाम मल्लिक विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महफ़िल की अध्यक्षता शायर अहमद बद्र ने की और संचालन की जिम्मेदारी युवा शायर सफदर हारून ने संभाली। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज सैफ अली सैफ द्वारा पवित्र कुरान की तिलावत से हुई। संस्था के संरक्षक शायर गौहर अज़ीज़ ने जलसे में शामिल सभी लोगों का स्वागत किया। अतिथियों और अध्यक्ष का स्वागत गुलदस्ते भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर किया गया। महफ़िल में नातिया कलाम पेश करने वाले शायरों में अहमद बद्र, गौहर अज़ीज़, रिज़वान औरंगाबादी, सद्दाम गनी, सफीउल्लाह सफी, फरहान खान फरहान, सकलैन मुश्ताक, शोएब अख्तर, हसरत निज़ामी, सैफ अली सैफ और सफदर हारून के नाम उल्लेखनीय हैं।
प्रो अहमद बद्र ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि आज ईश्वर के प्यारे पैगम्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) का जन्मदिन है। आज का दिन पूरी दुनिया अपने-अपने तरीके से मना रही है। ‘दबिस्तान-ए-जमशेदपुर के सदस्यों ने इस अवसर पर इस नातिया मुशायरे का आयोजन किया और अपनी अकीदत और मोहब्बत का इज़हार किया, जो काबिले तारीफ़ और खुशी की बात है। अंत में, मेज़बान के तौर पर फरहान खान फरहान ने महफ़िल में शामिल शायरों और श्रोताओं का शुक्रिया अदा किया और अपनी खुशी का इज़हार किया। महफ़िल को सजाने में फैज़ान अहमद और ज़ीशान सलफ़ी का सहयोग सराहनीय रहा।




