
जमशेदपुर:
हज़रत बादशाह अब्दुल रहीम उर्फ़ चुनाशाह बाबा का 55वां सालाना उर्स पूरे श्रद्धा, सूफ़ियाना रंग और भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है। शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को उर्स के तीसरे दिन दरगाह परिसर में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही माहौल इबादत, दुआ और सूफ़ी परंपराओं से सराबोर रहा।

उर्स के तीसरे दिन सुबह 11 बजे चादर और संदल की शाही जुलूस निकाली गई। यह जुलूस पूरे अदब और सम्मान के साथ दरगाह तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर विधिवत चादरपोशी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। चादरपोशी के दौरान देश और समाज की खुशहाली, अमन-चैन और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं।
दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक दरगाह परिसर में लंगर-ए-आम का आयोजन किया गया। लंगर में धर्म, जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। लंगर व्यवस्था में सेवादारों की सक्रिय भूमिका देखने को मिली, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था बनी रही।
शाम 7 बजे से कृष्णा मूर्ति एंड पार्टी द्वारा महफ़िल-ए-समा का आयोजन किया गया। सूफ़ियाना कलाम और भक्ति रस से भरी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कव्वालियों के दौरान दरगाह परिसर सूफ़ी संगीत की मधुर धुनों से गूंज उठा और श्रद्धालु झूमते नजर आए।
उर्स का आयोजन रविवार, 21 दिसंबर 2025 को भी जारी रहेगा। इस दिन दोपहर 3 बजे से पुनः लंगर-ए-आम का आयोजन किया जाएगा, जबकि रात 9 बजे से भव्य कव्वाली कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें शाहरुख़ साबरी कव्वाल एंड पार्टी (गया, बिहार) तथा इमरान आलम कव्वाल एंड पार्टी (अमरावती, महाराष्ट्र) अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
इस पावन अवसर पर दरगाह कमिटी एवं उर्स इंतज़ामिया से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष स्वर्गीय पारस नाथ सिंह वारसी के पुत्र प्रिंस, उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार (राजू), जनरल सेक्रेटरी रतन सिंह बादशाह, सेक्रेटरी मो. हनीफ़ इलाहाबादी, मो. फारूक, गद्दी नशीन ताज अहमद, दरगाह कमिटी के हाजी एस.एम. कुतुबुद्दीन, अब्दुल वहाब, अजीबुल अंसारी सहित बिष्टुपुर मस्जिद के इमाम इजहार अहमद, मौलाना कलीम उद्दीन और साजिद भी मौजूद रहे।
पूरे उर्स आयोजन में गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारा और सूफ़ी परंपरा की सुंदर झलक देखने को मिली।


