
जमशेदपुर । रोजगार छिनने और कर्मचारियों के अधिकारों के हनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के विभिन्न एटीएम में पिछले 20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे 140 सुरक्षा गार्डों की नौकरी पर अचानक संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नई आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा इन पुराने गार्डों को काम से निकाले जाने के फरमान के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। इस छंटनी और आर्थिक शोषण के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा ऐतराज जताते हुए गार्डों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। न्याय की गुहार लगाते हुए झामुमो के एक प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त (डीसी) से विशेष मुलाकात की।
20 साल की लंबी सेवा के बाद नई एजेंसी ने दिखाया बाहर का रास्ता
मिली जानकारी के अनुसार, ये 140 गार्ड पिछले दो दशकों से एसबीआई के एटीएम की सुरक्षा का जिम्मा पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ संभाल रहे थे। उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष इस काम में लगा दिए। लेकिन हाल ही में बैंक की सुरक्षा व्यवस्था का ठेका एक नई एजेंसी ‘डब्ल्यू डब्ल्यू एस ओ इंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (WWSO Enterprises Limited) को सौंप दिया गया है। गार्डों का आरोप है कि इस नई एजेंसी ने कार्यभार संभालते ही बिना किसी ठोस पूर्व सूचना या वैध कारण के सभी पुराने कार्यरत गार्डों को काम से निकाल दिया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से इन 140 गार्डों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
वेतन में भारी कटौती और 15 महीने से पीएफ नहीं जमा करने का आरोप
उपायुक्त कार्यालय पहुंचे गार्डों ने पुरानी और नई एजेंसियों पर आर्थिक शोषण के भी बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित गार्डों ने बताया कि एजेंसी द्वारा उनसे महीने के पूरे 30 दिन ड्यूटी कराई जाती है, लेकिन जब उनके मेहनताने के भुगतान की बारी आती है, तो उन्हें केवल 26 दिनों का ही वेतन दिया जाता है। यह सीधे तौर पर श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा, गार्डों ने प्रशासन को अवगत कराया कि एजेंसी द्वारा पिछले 15 महीनों से उनके भविष्य निधि (PF) की कटौती तो की जा रही है, लेकिन वह राशि उनके पीएफ खाते में जमा ही नहीं की गई है, जो सीधे तौर पर वित्तीय गबन का मामला बनता है।
झामुमो के नेतृत्व में डीसी से गुहार, मिला बहाली का ठोस आश्वासन
गार्डों के इस व्यापक शोषण और अचानक छंटनी के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। झामुमो नेता प्रमोद लाल, शेख बदरूदीन और महाबीर मुर्मू के कुशल नेतृत्व में इन हटाए गए गार्डों के प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर के उपायुक्त से मुलाकात की। इस दौरान नेताओं ने उपायुक्त के समक्ष गार्डों के 15 महीने के पीएफ की बकाया राशि का तुरंत भुगतान कराने और नई एजेंसी के माध्यम से इन सभी 140 गार्डों को उनके काम पर पुनः बहाल करने की पुरजोर मांग रखी। उपायुक्त ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से सुना और प्रतिनिधिमंडल को यह ठोस आश्वासन दिया कि नई एजेंसी से बात कर उन्हें पुनः काम पर बहाल करने की दिशा में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान इन लोगों की रही मुख्य उपस्थिति
इस अहम मुलाकात और प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पीड़ित गार्ड मौजूद रहे। उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपने और अपनी आवाज उठाने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से प्रमोद सिंह, शशि कांत पांडे, राजीव तिवारी, पंकज कुमार, प्रीतेश सिंह, अमित सिंह, विशाल कुमार, भरत भूषण ओझा, रवि पाण्डेय, विनोद कुमार, दिनेश कुमार, अमित कुमार, अरविंद गिरी, सोनू बाग आदि की सक्रिय और महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। सभी गार्डों ने जिला प्रशासन से त्वरित न्याय मिलने की गहरी उम्मीद जताई है।



