
जमशेदपुर।
झारखंड राज्य के जनक शिबू सोरेन एवं वीर शहीद पूर्व सांसद सुनील महतो की जयंती के अवसर पर बर्मामाइंस क्लब हाउस में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन झामुमो नेता महावीर मुर्मू के नेतृत्व में किया गया, जिसमें समाजसेवा और मानवता की मिसाल देखने को मिली।


संघर्षशील जीवन और जनआंदोलनों को किया गया स्मरण
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन एवं शहीद सुनील महतो के संघर्षशील जीवन, जनआंदोलनों में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि दोनों नेताओं ने आदिवासी, दलित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया और उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
रक्तदान : मानवता की सबसे बड़ी सेवा
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का सर्वोच्च उदाहरण है। प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है।
281 यूनिट रक्त संग्रह, रक्तदाताओं का सम्मान
रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 281 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। सभी रक्तदाताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया और उनका उत्साहवर्धन किया गया।
महावीर मुर्मू का प्रेरक संबोधन
इस अवसर पर झामुमो नेता महावीर मुर्मू ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने महाजनी प्रथा, सूदखोरी और नशाखोरी के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की थी। उन्हीं के विचारों और मार्गदर्शन पर आज राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष शिबू सोरेन की जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है और समाज से अपील की जाती है कि इस पुण्य कार्य को नियमित रूप से अपनाएं।
उन्होंने कहा—
“वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य होता है।”
कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन रहे उपस्थित
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सबिता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, पूर्व सांसद सुमन महतो, पूर्व विधायक कुणाल सारंगी, लक्ष्मण टुडू, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, ट्रेड यूनियन नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में आम नागरिकों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिला।



