
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सहायक आयुक्त उत्पाद के सख्त निर्देशानुसार, जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आबकारी विभाग (Excise Department) की टीम को गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पटमदा के दो गांवों में आबकारी विभाग की छापेमारी
दिनांक 22 मई 2026 को आबकारी विभाग की विशेष टीम ने पटमदा थाना अंतर्गत बटालुका और गोबरघूसी गांवों में अचानक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया। विभाग को लंबे समय से इन सुदूर ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर महुआ शराब की चुलाई और जंगलों-झाड़ियों की आड़ में अवैध भट्टियां संचालित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
भारी मात्रा में महुआ और चुलाई शराब बरामद
छापेमारी के दौरान आबकारी दल ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में टीम ने मौके से करीब 60 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की। इसके साथ ही, शराब बनाने के लिए ड्रमों और बर्तनों में छुपाकर रखे गए लगभग 1500 किलोग्राम किण्वित जावा महुआ (Fermented Mahua) को मौके पर ही बहाकर पूरी तरह से विनष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में जावा महुआ नष्ट होने से शराब माफियाओं को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
पुलिस को देखकर भागे भट्टी संचालक, तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान शराब भट्टी के संचालक और धंधेबाज बेहद सतर्क थे। वे आबकारी और पुलिस टीम को दूर से ही आते देखकर घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि, विभाग ने उनकी पहचान स्थापित कर ली है। फरार भट्टी संचालकों और अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ उत्पाद अधिनियम (Excise Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज (FIR) कर लिया गया है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
प्रशासन की चेतावनी: जारी रहेगा अभियान
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी यह छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि नशे के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।



