
जमशेदपुर ।

बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार में हुए खूनी संघर्ष और युवक हिमांशु सिंह की मौत मामले में जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जहां एक तरफ बार को सील कर दिया है, वहीं मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। लापरवाही बरतने के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
SIT का गठन और डबल डाउन बार सील
उपायुक्त के निर्देश पर पूरे मामले की प्रशासनिक और तकनीकी जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में आबकारी विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) और दो सिपाहियों को शामिल किया गया है। प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बार परिसर का निरीक्षण करने और रिकॉर्ड जब्त करने के बाद प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
गठित की गई SIT मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच करेगी:
बार का लाइसेंस, संचालन का समय और नियमों का पालन।
बार परिसर के भीतर और बाहर की सुरक्षा व्यवस्था।
सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज और कार्यप्रणाली।
घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों की भूमिका।
बिष्टुपुर थाना प्रभारी सहित गश्ती दल के 3 पुलिसकर्मी निलंबित
हिमांशु सिंह की मौत के बाद शहर में फैले आक्रोश और पुलिस गश्ती दल की मौजूदगी में हुई इस वारदात ने पुलिस महकमे की भारी फजीहत कराई है। इसे गंभीरता से लेते हुए बिष्टुपुर के थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर निरंजन कुमार को बिष्टुपुर का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा, घटना के समय मौके पर मौजूद गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को भी कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने इस चूक की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
टीएमएच (TMH) में हुई थी हिमांशु सिंह की मौत
ज्ञात हो कि डबल डाउन बार में हुए विवाद के दौरान दो युवकों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस हमले में बुरी तरह घायल हिमांशु सिंह ने टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरे घायल युवक का इलाज अभी जारी है। हिमांशु की मौत के बाद परिजनों और राजनीतिक दलों ने पुलिस की शिथिलता पर कड़े सवाल उठाए थे।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट आने के बाद बार प्रबंधन या कर्मचारियों की जो भी भूमिका सामने आएगी, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ पारदर्शी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


