जमशेदपुर। सिखों के प्रमुख और पवित्र त्योहार बैसाखी के पावन अवसर पर जमशेदपुर के युवा सिख धर्म प्रचारक एवं प्रसिद्ध विचारक भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी शहर की नौजवान पीढ़ी को उनके धर्म और मूल जड़ों से जोड़ने की एक अहम पहल करने जा रहे हैं। वे शहर के विभिन्न प्रमुख गुरुद्वारा साहिबों में विशेष गुरमत समागम आयोजित कर युवाओं को जागरूक करेंगे। इन भव्य समागमों का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को सिख मर्यादाओं का गहराई से पालन करने, नशामुक्त जीवन शैली अपनाने और सच्चे सिख स्वरूप को धारण करने के लिए प्रेरित करना है। इस धार्मिक पहल को सिख समुदाय में एक अत्यंत सकारात्मक और समाज सुधारवादी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
गुरु गोबिंद सिंह के सच्चे सिख बनने के लिए पूर्ण समर्पण आवश्यक
अपने विशेष संदेश में भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी को वास्तव में गुरु गोबिंद सिंह का सच्चा सिख बनना है, तो नौजवान पीढ़ी को अपना मन और तन पूर्ण रूप से गुरु के चरणों में समर्पित करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि आज के आधुनिक और चुनौतीपूर्ण दौर में युवाओं को गुरमत मार्ग पर चलने के लिए भारी आत्मिक दृढ़ता, संयम और कड़े अनुशासन की सख्त आवश्यकता है। बिना अनुशासन और गुरु की शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारे एक आदर्श जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है।
नशामुक्त आनंद कारज और साबत सूरत दस्तारधारी बनने की विशेष अपील
हरविंदर जमशेदपुरी ने समाज में बढ़ते दिखावे और नशामुक्ति की प्रबल आवश्यकता पर बल देते हुए विशेष रूप से आनंद कारज (विवाह संस्कार) पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि गुरु साहिब की हजूरी में और उन्हें साक्षी मानकर अपना आनंद कारज पूरी तरह से नशा रहित करें। जब विवाह संस्कार में पवित्रता होगी, तभी वैवाहिक जीवन पूरी तरह से सफल, सुखी और निर्मल बनेगा। इसके साथ ही, उन्होंने सिख युवाओं से अपने मूल स्वरूप की रक्षा करते हुए “साबत सूरत दस्तारधारी (पगड़ी धारी) बनने का अटूट संकल्प लेने” का भी जोरदार आह्वान किया।
शहर के तीन प्रमुख गुरुद्वारों में सजेगा गुरमत समागम, जानें पूरा समय-सारणी
बैसाखी के इस शुभ अवसर पर जमशेदपुर शहर के तीन प्रमुख गुरुद्वारा साहिबों में भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी के विशेष प्रवचन निर्धारित किए गए हैं। समय-सारणी के अनुसार, प्रातः 9:45 बजे से 10:45 बजे तक गुरुद्वारा साहिब शहीद बाबा दीप सिंह जी (सीतारामडेरा) में, प्रातः 11:00 बजे से 12:00 बजे तक गुरुद्वारा साहिब संत कुटिया (मानगो) में तथा दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक गुरुद्वारा साहिब नानक सर (टेल्को) में वे अपने गुरमत विचारों से उपस्थित संगत को संबोधित करेंगे। शहर के इन क्षेत्रों में संगत के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
नई पीढ़ी को सिख शिक्षाओं से जोड़ने का सार्थक व आध्यात्मिक प्रयास
जमशेदपुर में इन तीन महत्वपूर्ण समागमों को संबोधित करने के उपरांत अगले दिन भाई हरविंदर सिंह जमशेदपुरी पश्चिम बंगाल के जमुरिया (आसनसोल) के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां पहुंचकर वे वहां की स्थानीय संगत को भी गुरमत विचारों से निहाल करेंगे। इन सभी गुरमत समागमों को विशेष रूप से आज की नई पीढ़ी और युवाओं को समर्पित किया गया है। इसका एकमात्र लक्ष्य यह है कि युवा वर्ग सिख धर्म की महान और मूल शिक्षाओं से जुड़कर एक अनुशासित, नशामुक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध जीवन की ओर तेजी से अग्रसर हो सके।





