
जमशेदपुर। सिखों के पावन गुरुपर्व के अवसर पर नगर कीर्तन की शोभा बढ़ाने वाले बंदा सिंह बहादुर गतका अखाड़ा ने इस वर्ष और अधिक जोशीले, अनुशासित एवं अचंभित करने वाले गतका खेल प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मंगलवार को आयोजित बैठक सह वनभोज कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया, जिस पर सभी सदस्यों ने जयकारों के साथ अपनी सहमति जताई।
नगर कीर्तन में बढ़ेगा आकर्षण
बैठक में तय किया गया कि आगामी नगर कीर्तन में गतका अखाड़ा ग्रुप अपनी टोली में नए अभ्यास, समन्वय और प्रदर्शन शैली के साथ शामिल होगा, जिससे दर्शकों को सिख परंपरा के वीर रस और शौर्य की झलक और भी प्रभावशाली ढंग से देखने को मिलेगी।
गतिविधियों को और सक्रिय बनाने पर मंथन
गतका ग्रुप के संचालक और मानगो गुरुद्वारा के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू ने बताया कि बैठक में ग्रुप की गतिविधियों को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ करने, प्रशिक्षण की निरंतरता, बच्चों की सहभागिता और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखे, जिन पर अमल करने का निर्णय लिया गया।
बुरुडीह डैम में बैठक और वनभोज
इस अवसर पर बंदा सिंह बहादुर गतका ग्रुप के 85 सदस्य और बच्चे बुरुडीह डैम पिकनिक स्थल पर एकत्रित हुए। बैठक के बाद सभी ने वनभोज और फन गेम्स का आनंद लिया, जिससे आपसी समन्वय और टीम भावना को मजबूती मिली।
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परंपरा, अनुशासन और युवा सहभागिता
सदस्यों ने कहा कि गतका केवल खेल नहीं, बल्कि सिख परंपरा, अनुशासन और आत्मरक्षा की विरासत है। युवाओं और बच्चों की बढ़ती सहभागिता से ग्रुप को नई ऊर्जा मिल रही है और आने वाले नगर कीर्तन में इसका प्रभाव साफ दिखेगा।
बैठक के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे संगठित अभ्यास और अनुशासन के साथ नगर कीर्तन में ऐसा प्रदर्शन करेंगे, जो जमशेदपुर में सिख संस्कृति की गरिमा को और ऊँचाइयों तक ले जाए।


