
जमशेदपुर । बिष्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और जिला उद्योग केन्द्र (DIC) द्वारा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट (EPCH) के सहयोग से “हस्तशिल्प निर्यात विपणन” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हस्तशिल्प, हथकरघा (हैंडलूम) और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े स्थानीय उद्यमियों, निर्यातकों तथा कारीगरों को वैश्विक बाजार की संभावनाओं और कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर सशक्त बनाना है।

READ MOTRE :JAMSHEDPUR NEWS :जुगसलाई में 5 दिनों से कचरा उठाव ठप, डंपिंग यार्ड भरने से बढ़ी महामारी की आशंका
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में हस्तशिल्प की भूमिका
चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि हस्तशिल्प, हैंडलूम और टेक्सटाइल क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं और ये विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में रोजगार और विकास की अपार संभावनाएं हैं। सिंहभूम चैम्बर स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर ट्रेड फेयर (व्यापार मेलों) का आयोजन करता है, ताकि उन्हें जमीनी स्तर पर एक बेहतर और मजबूत बाजार मिल सके।
नई औद्योगिक एवं टेक्सटाइल नीति के तहत मिलेगी सब्सिडी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक रविशंकर प्रसाद ने उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि झारखंड सरकार द्वारा लागू की गई वर्ष 2021 की औद्योगिक नीति में सुधार करके एक नई व्यावहारिक औद्योगिक एवं टेक्सटाइल नीति तैयार की गई है। इस नई नीति के अंतर्गत उद्योगों और नए स्टार्टअप्स को बेहतर सब्सिडी और वित्तीय लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल से जुड़े लोग इन सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: रेलवे का स्पष्टीकरण, साउथ बिहार, टाटा-बक्सर और जम्मूतवी एक्सप्रेस को आदित्यपुर शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं
पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन और निर्यात रणनीतियों पर चर्चा
झारखंड उद्योग विभाग की अधिकारी सोनीधान ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय अनुदानों और बुनियादी पहलों की जानकारी दी। वहीं, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट (पटना) के सहायक प्रबंधक नितेश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय विपणन रणनीतियों (Marketing Strategies) पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि काउंसिल उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में भाग लेने के लिए न केवल सहयोग करती है, बल्कि कई मौकों पर सब्सिडी या पूरी तरह से निःशुल्क स्टॉल भी उपलब्ध कराती है।
बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) नेटवर्किंग का अनोखा उदाहरण
कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान एक दिलचस्प और सकारात्मक घटनाक्रम देखने को मिला। सत्र में शामिल एक जूट बैग व्यवसायी ने बताया कि उनके पास ऑर्डर और बाजार तो उपलब्ध है, लेकिन उन्हें जूट बैग की आपूर्ति (सप्लाई सोर्स) नहीं मिल पा रही है। इसी बीच पोटका से आई एक महिला उद्यमी ने खड़े होकर बताया कि वह बड़े पैमाने पर जूट बैग का निर्माण करती हैं लेकिन उन्हें बाजार की तलाश है। मंच पर ही दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक सहयोग (Business Collaboration) की बात बनी, जो इस आयोजन की एक बड़ी व्यावहारिक सफलता साबित हुई।
गरिमामयी उपस्थिति और सहयोगी संस्थाएं
कार्यक्रम का संचालन चैम्बर उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने दिया। इस अवसर पर मानद महासचिव पुनीत कावंटिया, उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल, सचिव बिनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया, बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम संजीव कुमार चौधरी सहित कला मंदिर, टाटा स्टील फाउंडेशन, आंजनेय बैम्बू क्लस्टर और अविवा हैंडीक्राफ्ट्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


