जमशेदपुर । ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी ने आम जनता का सफर बेहद मुश्किल कर दिया है। यात्रियों की इस भारी परेशानी को देखते हुए और रेलवे प्रशासन की कुंभकर्णी नींद तोड़ने के लिए ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ ने एक निर्णायक कदम उठाया है। समिति ने रविवार, 3 मई को एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें इस ज्वलंत मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की जाएगी और भविष्य के एक बड़े और प्रभावी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विधायक सरयू राय की विशेष उपस्थिति में होगा मंथन
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस अहम बैठक की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यह बैठक रविवार (3 मई) को अपराह्न 4 बजे से आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक का स्थान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय का बारीडीह स्थित जनसंपर्क कार्यालय तय किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस बैठक में विधायक सरयू राय स्वयं विशेष रूप से मौजूद रहेंगे और यात्रियों की समस्याओं को सुनकर इस जन-आंदोलन को अपना समर्थन व आवश्यक मार्गदर्शन देंगे।
पुराने आंदोलनों और रेलवे के आश्वासनों की होगी कड़ी समीक्षा
ट्रेनों के अनियमित परिचालन को लेकर समिति पिछले काफी समय से लगातार मुखर है। बैठक के मुख्य एजेंडे के बारे में जानकारी देते हुए संयोजक शिवशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि इसमें आंदोलन के पहले दिन से लेकर अभी तक की वर्तमान स्थिति की विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ समिति द्वारा अब तक कई कड़े कदम उठाए गए हैं, जिनमें रेलवे स्टेशन पर किया गया विशाल धरना प्रदर्शन और बड़े पैमाने पर चलाया गया हस्ताक्षर अभियान प्रमुख रूप से शामिल है। बैठक में इस बात पर गंभीरता पूर्वक चर्चा होगी कि इन विरोध प्रदर्शनों के बाद रेलवे के वरीय अधिकारियों द्वारा जो आश्वासन दिए गए थे, उन पर धरातल पर कितना काम हुआ है। यदि रेलवे ने सिर्फ खानापूर्ति की है, तो आंदोलन को और कैसे धारदार बनाया जाए, इस पर उपस्थित लोगों से गहन विमर्श किया जाएगा।
सोशल मीडिया से सड़क तक जुड़ रहे लोग, जन-समर्थन का आह्वान
ट्रेनों की लेटलतीफी व्यापार, शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सीधे तौर पर बुरी तरह प्रभावित कर रही है। शिवशंकर सिंह ने बताया कि जनहित के इस बड़े आंदोलन में अब बड़ी संख्या में आम लोग भी स्वतः स्फूर्त होकर जुड़ रहे हैं। ये वे जागरूक नागरिक हैं, जो आए दिन सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स के माध्यम से रेलवे की लचर व्यवस्था के खिलाफ अपना आक्रोश और अपनी तकलीफें व्यक्त कर रहे हैं। इनमें से कई लोग समिति द्वारा पूर्व में आयोजित धरना और हस्ताक्षर अभियान में भी पूरी सक्रियता और उत्साह के साथ शरीक हुए थे।
आम जनता से भारी संख्या में पहुंचने की अपील
संघर्ष समिति ने शहर के उन सभी नागरिकों, दैनिक रेल यात्रियों, छात्र-छात्राओं और व्यवसायियों से रविवार को होने वाली इस अहम बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद रहने का विशेष आग्रह किया है, जो आए दिन ट्रेनों की लेटलतीफी से आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होते हैं। समिति का दृढ़ मानना है कि जब तक आम जनता एकजुट होकर रेलवे की इस मनमानी के खिलाफ एक सुर में आवाज बुलंद नहीं करेगी, तब तक व्यवस्था में स्थायी सुधार की उम्मीद करना बेमानी है।



