
जमशेदपुर। सोना देवी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के साथ समझौता किया है। इसके तहत विद्यार्थियों को टीसीएस आईऑन उद्योग सम्मान पाठ्यक्रम के माध्यम से 45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में डिजिटल अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञों की प्रत्यक्ष कक्षाएं और व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल होंगे।
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान को कौशल और कौशल को रोजगार में बदलना है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील की।
प्रशिक्षण के लिए 120 विद्यार्थियों को 60-60 के दो समूहों में बांटा जाएगा। विश्वविद्यालय के अनुसार, टीसीएस के विशेषज्ञ परिसर में प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे, जिससे विद्यार्थियों को उद्योग की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और रोजगार बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव तथा तकनीकी कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। कुलसचिव डॉ. नीत नयना और सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह ने भी इस पहल को विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
समझौते के अवसर पर टीसीएस के प्रतिनिधि प्रभाकर प्रमाणिक और सांचों जोसफ सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और बीसीए विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगी।


