
जमशेदपुर: बिरसानगर जोन नंबर 3, ई प्रधान कॉलोनी स्थित एक्सेल इंडिया मॉडल स्कूल में छात्र-छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय समर कैंप (Summer Camp 2026) का शानदार आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में स्कूल के सभी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नई विधाओं को सीखा।
योग और अध्यात्म से हुआ सत्र का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ की गई। सुबह के सत्र में बच्चों ने गायत्री मंत्र का सामूहिक उच्चारण किया, जिसके बाद अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में योगाभ्यास किया गया। योग के माध्यम से बच्चों को एकाग्रता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। इसके उपरांत, जुम्बा डांस और विभिन्न प्रकार के इंडोर व आउटडोर गेम्स का आयोजन हुआ, जिसमें बच्चों की ऊर्जा देखते ही बन रही थी।
तीरंदाजी प्रशिक्षण: सटीक निशाने से किया प्रभावित
इस समर कैंप का सबसे मुख्य आकर्षण तीरंदाजी (Archery) का प्रशिक्षण सत्र रहा। टाटा स्टील फाउंडेशन की विशेषज्ञ टीम ने बच्चों को इस प्राचीन और पेशेवर खेल की बारीकियां सिखाईं। प्रशिक्षक करण राणा, समीर लोहार, रामू लियांगी और दीपक उरांव ने बच्चों को धनुष पकड़ने से लेकर लक्ष्य साधने तक की तकनीक बताई। प्रशिक्षण के दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने पहले ही प्रयास में सटीक निशाना लगाकर पेशेवर प्रशिक्षकों को भी अचंभित कर दिया।
जादू शो: रोमांच और आकर्षण का केंद्र
दोपहर के सत्र में बच्चों के मनोरंजन के लिए एक भव्य जादू शो का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जादूगर एस कुमार ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए कई रोमांचक और जादुई करतब दिखाए। रंग-बिरंगे रुमालों से लेकर गायब होती वस्तुओं तक, एस कुमार के हर दांव ने बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
सर्वांगीण विकास पर स्कूल का जोर
स्कूल की प्रिंसिपल ममता कुमारी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास (Holistic Development) करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समर कैंप के जरिए बच्चों को नई रचनात्मक गतिविधियों के प्रति जागरूक किया जाता है, जिससे उनकी प्रतिभा निखरती है।
इस सफल आयोजन में स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और सहकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन किया और पूरे कार्यक्रम को यादगार बनाया।



