
जमशेदपुर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUGP) में अनिवार्य 8 सप्ताह के इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम’ (JGIIS) के लिए जमशेदपुर के ‘द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वुमेन’ की छात्राओं का चयन किया गया है। कॉलेज के भूगोल विभाग (सेमेस्टर 4) की दो टीमों से कुल 8 छात्राओं को इस विशेष इंटर्नशिप के लिए चुना गया है।

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8 सप्ताह की इंटर्नशिप और मेंटरशिप
यह इंटर्नशिप कार्यक्रम 1 जून से शुरू होकर 26 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के भूगोल विभाग की पीजी हेड सह विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. सुनीता कुमारी की अनुशंसा के बाद, झारखंड सरकार के JGIIS विभाग ने इन टीमों को अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है। यह पूरी इंटर्नशिप भूगोल विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. दीप्ति के मार्गदर्शन (मेंटरशिप) में संपन्न होगी। इसके साथ ही, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के अमरेश सौरव को इन टीमों के लिए ‘मेंटर ऑफ मेंटर्स’ नियुक्त किया गया है, जो छात्राओं को तकनीकी और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
पंचायत स्तर पर फील्ड वर्क के लिए दो टीमें
छात्राओं को क्षेत्रीय कार्य (फील्ड वर्क) के लिए दो अलग-अलग टीमों में बांटा गया है, जो निर्धारित पंचायतों में जाकर अपना शोध कार्य पूरा करेंगी:
टीम 1 (सरजामदा उत्तर पंचायत): इस टीम में रोशनी कुमारी, नमिता साव, रीता कुमारी और शिवानी कुमारी शामिल हैं।
टीम 2 (सुसनिगड़िया उत्तर पंचायत): इस टीम में सैयद इरफा रामला, मनीषा कुमारी, अनुकृति गुप्ता और माया रानी मंडल को शामिल किया गया है।
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ग्रामीण नवाचार और पारंपरिक ज्ञान पर रिसर्च
इस 8 सप्ताह के ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप के दौरान चयनित छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करेंगी। वे ‘पार्टिसिपेटरी रूरल अप्रैजल’ (सहभागिता ग्रामीण मूल्यांकन) पद्धति के माध्यम से गांवों के पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय नवाचारों (Local Innovations) का बारीकी से अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगी।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या (प्रोफेसर-इन-चार्ज) डॉ. वीणा सिंह प्रियदर्शी ने कहा कि ग्रामीण समुदायों के पास सदियों से संचित विशाल पारंपरिक ज्ञान और जीवन जीने के अनूठे नवाचार हैं। यह इंटर्नशिप छात्राओं के लिए जमीनी स्तर से सीखने का एक शानदार अवसर है। उनके द्वारा एकत्रित डेटा राज्य के भविष्य के विकासात्मक कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण भंडार साबित होगा। डॉ. वीणा सिंह ने सभी चयनित छात्राओं और मेंटर डॉ. दीप्ति को बधाई देते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
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