
जमशेदपुर।

टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा दक्षिण पूर्व रेलवे के सीनी स्थित जोनल प्रशिक्षण संस्थान (ZRTI) में एक अहम बहुविषयक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारतीय रेलवे के सात अलग-अलग डिवीजनों के ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मैनेजर और सहायक लोको पायलट सहित कुल 172 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया। जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं और घरेलू आपदाओं के समय त्वरित बचाव और राहत कार्य सुनिश्चित करना था।
अग्नि सुरक्षा और फायर एक्सटिंग्विशर का सही उपयोग
प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने कार्यालय, उद्योग, कारखानों और घरों में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में घरों में इस्तेमाल होने वाले एयर कंडीशनर (AC), एलसीडी और कंप्यूटर सिस्टम में शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति से निपटने और आग बुझाने के लिए ‘क्लीन एजेंट फायर एक्सटिंग्विशर’ सबसे उपयुक्त और सुरक्षित विकल्प है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए वरदान है ‘क्लीन एजेंट’
संतोष कुमार ने बताया कि रसोई घर में एलपीजी गैस लीकेज या तेल से लगने वाली आग को बुझाने के लिए भी क्लीन एजेंट एक्सटिंग्विशर बेहद कारगर है। बाजार में यह 2, 4 और 6 किलो की क्षमता में आसानी से उपलब्ध है। इसका संचालन इतना आसान है कि घर की महिलाएं भी आपात स्थिति में इसका प्रयोग कर बड़े नुकसान को टाल सकती हैं। सबसे बड़ी खासियत यह है कि आग बुझाने के बाद इसकी गैस हवा में उड़ जाती है और यह कोई कचरा, दाग या अवशेष नहीं छोड़ता। इसके विपरीत, साधारण पाउडर या फोम वाले एक्सटिंग्विशर आग तो बुझा देते हैं, लेकिन वे महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कंप्यूटर, एलसीडी और फ्रिज को हमेशा के लिए नष्ट कर देते हैं। इसलिए हर घर में इलेक्ट्रिक पैनल की सुरक्षा के लिए क्लीन एजेंट रखने का सुझाव दिया गया।
फर्स्ट एड, स्नेक बाइट और इमरजेंसी रेस्क्यू का जीवंत प्रदर्शन
आपदा प्रबंधन के इस सत्र में बेसिक लाइफ सपोर्ट, इमरजेंसी रेस्क्यू, डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) और स्नेक बाइट (सांप के काटने) पर प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा फर्स्ट एड बॉक्स में मौजूद विभिन्न सामग्रियों के सही उपयोग की जानकारी भी दी गई। सिविल डिफेंस डॉमेस्टिकेटर शंकर कुमार प्रसाद द्वारा विभिन्न बचाव उपकरणों के इस्तेमाल का जीवंत (प्रैक्टिकल) प्रदर्शन किया गया, जिससे रेलकर्मी विषम परिस्थितियों में बिना घबराए सही कदम उठा सकें।
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7 रेल मंडलों के कर्मियों ने लिया हिस्सा
इस वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम में चक्रधरपुर, रांची, आद्रा, खड़गपुर, सम्बलपुर, खुरदा और बिलासपुर डिवीजन के रेलकर्मी मौजूद रहे। सभी उपस्थित रेलकर्मियों ने सिविल डिफेंस टीम द्वारा दी गई इस बहुमूल्य और जीवन रक्षक ट्रेनिंग की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे अपने कार्यक्षेत्र के साथ-साथ निजी जीवन के लिए भी बेहद लाभकारी बताया।



