
समस्तीपूर।

पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले समस्तीपुर मंडल में रेल यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा और तकनीकी कदम उठाया गया है। रेलवे परिसरों और ट्रेनों में गश्त करने वाले रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और अधिकारियों को अब अत्याधुनिक ‘जीपीएस युक्त बॉडी वॉर्न कैमरों’ से लैस किया गया है। इस नई तकनीकी पहल का मुख्य उद्देश्य रेलवे की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाना और यात्रियों को एक सुरक्षित व तनावमुक्त यात्रा का बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
पहले से मौजूद कैमरे और नई तकनीक का समावेश
हाजीपुर रेलवे मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत, समस्तीपुर रेल मंडल में सुरक्षा जांच को पुख्ता करने के लिए 37 गैर-जीपीएस वाले बॉडी वॉर्न कैमरे पहले से ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बनाते हुए जवानों को 20 नए अत्याधुनिक जीपीएस (GPS) युक्त बॉडी वॉर्न कैमरे भी सौंपे गए हैं। इन नए कैमरों की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत यह है कि इनमें अलग से एक्सटर्नल मेमोरी कार्ड लगाकर इनकी स्टोरेज क्षमता को आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जा सकता है, जिससे लंबे समय तक डेटा को सुरक्षित रखा जा सके।
रियल टाइम मॉनिटरिंग और नियंत्रण कक्ष से सीधी निगरानी
ड्यूटी के दौरान आरपीएफ कर्मी इन कैमरों को अपनी वर्दी पर पहनेंगे, जिससे उनके आस-पास होने वाली हर गतिविधि का वास्तविक समय (रियल टाइम) में सटीक वीडियो रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इन कैमरों में लगे अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम की मदद से नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) में बैठे अधिकारी किसी भी समय संबंधित जवान की सटीक लोकेशन को लाइव ट्रैक कर सकेंगे। इससे आपातकालीन या संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और तत्काल पुलिस सहायता पहुंचाने में बहुत आसानी होगी।
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अपराधों पर लगेगी लगाम, निष्पक्ष होगी जांच प्रक्रिया
इन नए और हाईटेक बॉडी वॉर्न कैमरों के इस्तेमाल से रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों में सुरक्षा की चौबीसों घंटे बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी। किसी भी विवाद, दुर्घटना या आपराधिक घटना का वास्तविक और निष्पक्ष वीडियो रिकॉर्ड उपलब्ध होने से रेलवे पुलिस को भविष्य की जांच प्रक्रिया में भारी मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, यह नई तकनीक असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर एक मजबूत मनोवैज्ञानिक दबाव बनाएगी, जिससे अपराधों की रोकथाम में बड़ी सहायता मिलेगी। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों और आरपीएफ कर्मियों दोनों के हितों की रक्षा होगी, बल्कि जन शिकायतों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निपटारा भी किया जा सकेगा। पूर्व मध्य रेल प्रशासन लगातार नई तकनीकों को अपनाकर रेल यातायात को अधिक संरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


