जमशेदपुर।
जमशेदपुर में आगामी रामनवमी महोत्सव की तैयारी और सफल आयोजन को लेकर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने की।
बैठक में शहर के 163 लाइसेंसी और 12 गैर-लाइसेंसी अखाड़ा समितियों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रामनवमी महोत्सव को पूरी भव्यता, गरिमा और सनातन परंपराओं के अनुरूप धूमधाम से मनाया जाएगा।
भव्य शोभायात्रा और सनातन संस्कृति की झलक
बैठक में तय किया गया कि रामनवमी के अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अखाड़ों द्वारा भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इन शोभायात्राओं में सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिलेगी।
सभी अखाड़ा समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में बैठक कर शांतिपूर्ण और अनुशासित जुलूस निकालने की विस्तृत योजना तैयार करेंगी। साथ ही यह भी तय किया गया कि अखाड़ों की शोभायात्रा सह विसर्जन 28 मार्च 2026 को संपन्न होगा। आयोजन के दौरान सुरक्षा, व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
अखाड़ा समितियों ने रखीं समस्याएं
बैठक के दौरान विभिन्न अखाड़ा समितियों ने महोत्सव की तैयारियों के दौरान सामने आ रही समस्याओं को भी रखा। गौरी शंकर सिंह ने पंचायत क्षेत्रों में साफ-सफाई की मांग उठाई, जबकि बबुआ अखाड़ा ने नवमी के दिन पूजन के लिए पूर्व स्थल का गेट खोलने की मांग की।
इसके अलावा गणेश अखाड़ा सोनारी, गोलमुरी केबुल अखाड़ा समिति, श्रीनिवास सुंदरनगर अखाड़ा, श्री श्री महाबली बजरंग अखाड़ा समिति, त्रिमूर्ति चौक किताडीह अखाड़ा, राम बजरंग अखाड़ा, बागेश्वर नाथ अखाड़ा, वीर मंच अखाड़ा सोनारी सहित कई समितियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कई समितियों ने नदी की सफाई और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
केंद्रीय समिति ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
अनुशासन और समन्वय पर दिया गया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के मुख्य संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि रामनवमी महोत्सव सनातन संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की रामनवमी पूरे झारखंड में अपनी भव्यता और अनुशासित अखाड़ा संस्कृति के लिए जानी जाती है।
उन्होंने सभी अखाड़ा समितियों से अपील की कि वे आपसी समन्वय और अनुशासन के साथ इस महोत्सव को सफल बनाएं। वहीं, संरक्षक नीरज सिंह ने कहा कि शोभायात्रा पूरी तरह नशामुक्त और मर्यादित वातावरण में निकाली जानी चाहिए।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील
समिति के अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि प्रशासन के साथ लगातार संवाद जारी है और महोत्सव की सफलता के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति सनातन संस्कृति की संवाहक रही है, इसलिए अखाड़ा समितियों को महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए भी प्रयास करना चाहिए।
दिवंगत अशोक गौड़ को श्रद्धांजलि
बैठक के अंत में नारायण गोस्वामी अखाड़ा समिति के संचालक अशोक गौड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके सामाजिक एवं धार्मिक योगदान को याद किया।






