
जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) जमशेदपुर महानगर ने 1947 में देश के बंटवारे के गहरे दर्द और विस्थापितों के संघर्ष को याद करते हुए शुक्रवार को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ (Partition Horrors Remembrance Day) मनाया। सीतारामडेरा मंडल के ईस्ट बंगाल कॉलोनी में महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा की अध्यक्षता में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (Raghuvar Das) मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले और राजन सिंह समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस दौरान ईस्ट बंगाल, सिंधी और रिफ्यूजी कॉलोनी के सैकड़ों विस्थापित परिवारों की मौजूदगी में विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके संघर्षों को नमन किया गया।


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“नेहरू के सत्ता लालच और तुष्टिकरण ने बांटा देश” : रघुवर दास
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत का विभाजन कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था।
कांग्रेस पर सीधा हमला: श्री दास ने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे नेताओं ने विभाजन का विरोध किया था, लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू के ‘सत्ता लालच’ और कांग्रेस नेतृत्व की ‘तुष्टिकरण व समझौतावादी राजनीति’ ने देश को यह त्रासदी दी।
विस्थापन का दर्द: उन्होंने बताया कि इस बंटवारे के कारण लगभग डेढ़ करोड़ परिवार विस्थापित हुए और 10 लाख से अधिक लोगों की जान चली गई। जब देश आजादी का उत्सव मना रहा था, तब करोड़ों लोग अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर रहे थे।
महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि यह दिन उन सभी भारतवासियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करने का अवसर है, जिनका जीवन देश के बंटवारे की बलि चढ़ गया।
आपबीती सुनाते हुए भर आईं सरदार गुरप्रीत सिंह की आंखें
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सरदार गुरप्रीत सिंह ने विभाजन की दर्दनाक आपबीती साझा की। बंटवारे की भयावह परिस्थितियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में हर कदम पर साजिश और मौत का खौफ था। अपनों से बिछड़ने, घर-बार छोड़ने और जान बचाकर भारत आने की उस पीड़ा को शब्दों में बयां करना आज भी कठिन है।
वहीं, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि इतिहास केवल अतीत का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक चेतावनी है। विस्थापित परिवारों ने अपना सब कुछ खोने के बावजूद अदम्य साहस से भारत के पुनर्निर्माण में बड़ा योगदान दिया। उन्होंने सभी से एक मजबूत, समरस और अखंड भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा और धन्यवाद ज्ञापन सीतारामडेरा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह ने किया। मौके पर चंद्रशेखर मिश्रा, मिथिलेश सिंह यादव, कल्याणी शरण, कुलवंत सिंह बंटी, संजीव सिंह, बबुआ सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।




