
जमशेदपुर। शनिवार को साकची स्थित श्री अग्रसेन भवन में श्री शाकंभरी माता का 12वां वार्षिक महोत्सव सह सामूहिक मंगलपाठ का भव्य आयोजन धूमधाम से मनाया गया। श्री शाकंभरी माता परिवार टाटानगर द्धारा आयोजित हुए इस एक दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ पूजा अर्चना एवं ज्योत प्रज्जवलित से हुई। यजमान निशा-सुभाष सोंथालिया, सरिता-विनोद सोंथालिया, अनिता-संजय शर्मा, लक्ष्मी-सुदर्शन चौधरी, प्रीति-नवीन कांवटिया द्धारा संयुक्त रूप से माता की पूजा की गयी।


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मनोज पंडित (जुगसलाई) नेे पूजा करायी तथा सबको रक्षा सूत्र बांधा। इस शुभ अवसर पर 251 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में माता का मंगलपाठ किया। आमंत्रित कलाकार रिया चौधरी और सोमी चौधरी की जोड़ी ने श्री गणेश वंदना से मंगलपाठ वाचन का शुभारंभ किया। साथ ही भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। इस धार्मिक अनुष्ठान में मंगल पाठ, भजन, भव्य दरबार, गजरा उत्सव, चुदड़ी उत्सव, ज्योत प्रज्जवलित, छप्पन भोग, प्रसाद आदि आकर्षण का केन्द्र बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाये। इस अवसर पर महोत्सव में सहयोग करने वाले समाज के कई गणमान्य लोगों को संस्था की तरफ से सम्मानित भी किया गया। श्री गणेश वंदना के साथ मंगल पाठ एवं भजनों का कार्यक्रम शाम में 4 बजे से शुरू हुआ, जो रात 10 बजे महाआरती के बाद प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ था।
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सकराय की सेठाणी शाकम्भरी भवानीः- इससे पहले आमंत्रित कलाकार रिया और सोमी की जोड़ी ने मॉ का गुणगान करते हुए घर में पधारो गजानंद जी मेरे घर में पधारो…, शाकम्भरी मैया की मंगल आनंद बरसाज्यो जी…. बोल कुणसो भजन सुनाऊ मवाड़ी…, लाया थारी चुनरी कर लो मॉ स्वीकार…, मेहन्दी रची थारे हाथाँ में घुल रहयों काजल आँख्या में…., सकराय की सेठाणी शाकम्भरी भवानी…, सकराय वाली माई आज पधारी हैं…, शाकम्भरी परिवार है ये शाकम्भरी परिवार…, थारी महिमा शाकम्भरी माँ सारी दुनिया जाने…, शाकम्भरी माँ के दीवाने हम…., आज शाकम्भरी माँ सिंह पर चढ़ आई है…, मेरी सकरायवाली मइया का श्रृंगार बड़ा ही प्यारा है…, हर महिने मईया जी हम ज्योत जलायोंगें… आदि समेत एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति कर समां बांधा। जिससे आसपास का पूरा वातावरण गुंजायमान होता रहा। कलाकार द्वारा प्रस्तुत किये गये भजनों पर भक्तों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
इनका रहा योगदानः- इसे सफल बनाने में प्रमुख रूप से नीतु हरनाथका, सविता सोंथालिया, मनीषा कांवटिया, श्यामा कांवटिया, सरिता सोंथालिया, सरोज खंडेलवाल, नीलम पलसानिया, उषा चौधरी, बिंदु शर्मा सहित संस्था की सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



