
Jamshedpur: जमशेदपुर के भुइयांडीह बस्ती में जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु की उपस्थिति में सोमवार को बस्तीवासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 5 अगस्त 2026 को सभी बस्तीवासी सौरभ विष्णु के नेतृत्व में उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंचकर अपने निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रशासन को सौंपेंगे। बस्तीवासियों का कहना है कि वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और बिना उचित प्रक्रिया के किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या बेदखली की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।


5 अगस्त को DC कार्यालय में सौंपे जाएंगे दस्तावेज
बैठक में तय किया गया कि प्रत्येक परिवार अपने निवास से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज, पहचान पत्र, निवास प्रमाण और अन्य आवश्यक कागजात के साथ उपायुक्त कार्यालय पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से अनुरोध करेगा कि दशकों से बसे परिवारों की स्थिति को मानवीय और कानूनी दृष्टि से देखा जाए तथा किसी भी कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को सुनने का अवसर दिया जाए।
सौरभ विष्णु ने कानून का पालन करने की अपील की
बैठक को संबोधित करते हुए सौरभ विष्णु ने बस्तीवासियों से शांति, धैर्य और कानून का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। उनका कहना था कि मजबूत दस्तावेज और प्रशासन के साथ निरंतर संवाद ही लोगों के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS :श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर सिदगोड़ा सूर्यधाम शिवालय में उमड़ा आस्था का सैलाब, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बाबा भोलेनाथ का किया जलाभिषेक
दशकों से रह रहे परिवारों के अधिकारों का उठाया मुद्दा
सौरभ विष्णु ने कहा कि जो परिवार लंबे समय से भुइयांडीह क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जन विकास मंच बस्तीवासियों के न्याय, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया कि मामले का समाधान संवेदनशील और न्यायसंगत तरीके से किया जाए।
शांतिपूर्ण समाधान पर रहेगा जोर
बैठक में मौजूद स्थानीय लोगों ने भी कहा कि वे किसी प्रकार के टकराव के पक्ष में नहीं हैं और प्रशासन के समक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर कानूनी प्रक्रिया के तहत समाधान चाहते हैं। 5 अगस्त को होने वाली यह पहल भुइयांडीह बस्ती से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सामाजिक कदम मानी जा रही है।



