
जमशेदपुर।


टाटानगर सिविल डिफेंस टीम ने बिरसा नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया।
शिविर में चिकित्सा कर्मचारियों को विषैले और विषहीन सर्पदंश की पहचान, प्राथमिक उपचार, कुत्ते के काटने पर सावधानियां, रेबीज से सुरक्षा और अग्निशमन संयंत्र के प्रयोग की विधियां बताई गईं।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विषैले और विषहीन सांपों के बीच पहचान के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के बाद शरीर पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं, प्राथमिक उपचार के लिए कैसे बैंडेज और स्प्लिंट बांधा जाता है तथा मरीज को शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर एंटी वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से झाड़-फूंक और अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की। साथ ही कुत्ते के काटने की स्थिति में शरीर पर आने वाले लक्षण, प्राथमिक उपचार और अनिवार्य रूप से रेबीज की वैक्सीन लगवाने की जानकारी दी। एक टेली फिल्म के माध्यम से रेबीज संक्रमित कुत्ते की पहचान, उसके लक्षण और इलाज की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
शिविर में डेमोंस्ट्रेटर शंकर प्रसाद ने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध ड्राई केमिकल पाउडर फायर एक्सटिंग्विशर के प्रयोग की विधि और सावधानियों का मॉक ड्रिल के जरिए प्रदर्शन किया। वहीं अनिल कुमार सिंह ने एलपीजी गैस लीक से आग लगने की स्थिति में विभिन्न तरीकों से आग बुझाने की विधियां बताईं।
इस प्रशिक्षण शिविर में स्वास्थ्य केंद्र के कई कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रदीप कुमार (पीएचएम), राजेश साहू (लैब टेक्नीशियन), विमल दास (फार्मासिस्ट), एएनएम पुष्पलता बारीक, सविता महतो, अंबिका बकला, सानिया देवी रजक, सहिया अलका सिंह, अंजलि, रजनी हेरेंज और प्रभावती कुजूर प्रमुख रूप से शामिल थे।
इस तरह के प्रशिक्षण शिविर न सिर्फ चिकित्सा कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करते हैं, बल्कि आम जनता में जागरूकता भी बढ़ाते हैं।


