घाटशिला/जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को ‘परियोजना उल्लास’ के तहत मिर्गी रोगियों के लिए एक दिवसीय नि:शुल्क विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में कुल 197 मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें 43 नए मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 154 पुराने मरीजों का फॉलोअप किया गया।
शिविर का निरीक्षण भारत सरकार के अपर सचिव राहुल शर्मा और उपायुक्त राजीव रंजन ने किया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने दोनों अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और व्यवस्था पर संतोष जताया।
मरीजों को एक महीने की दवा और आने-जाने की सुविधा मुफ्त
परियोजना उल्लास के तहत आयोजित शिविर में मरीजों को नि:शुल्क स्क्रीनिंग, चिकित्सकीय परामर्श और एक महीने की दवा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों और उनके परिजनों के लिए आने-जाने तथा भोजन की भी नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। इस पहल की मरीजों के परिजनों ने सराहना करते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया।
जिले में पहले भी आयोजित हो चुके हैं पांच शिविर
परियोजना उल्लास के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में इससे पहले घाटशिला अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटमदा, साकची स्थित टीकौषधि भंडार (जेल चौक), चाकुलिया और पोटका में शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों की सफलता के बाद इस माह फिर घाटशिला में विशेष जांच शिविर लगाया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका
शिविर को सफल बनाने में परियोजना उल्लास के नोडल पदाधिकारी सह जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा, घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक सह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शंकर टुडू, पोटका सीएचसी प्रभारी डॉ. सुकांत सीट, मनोचिकित्सक डॉ. दीपक कुमार गिरि और डॉ. महेश हेम्ब्रम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक मयंक कुमार सिंह, प्रखंड लेखा प्रबंधक सुशील कुमार, डीडीएम दिलीप कुमार, डीपीसी हिकीम प्रधान, कंप्यूटर ऑपरेटर सत्यम कुमार, एसटीटी, सहिया साथी और सहियाओं ने भी शिविर के सफल संचालन में सहयोग किया।
परियोजना उल्लास का उद्देश्य: मिर्गी से पीड़ित मरीजों की समय पर पहचान, नियमित जांच, परामर्श और निरंतर उपचार सुनिश्चित करना, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा सकें।


