जमशेदपुर। कोरोना महामारी का प्रतिकूल प्रभाव सभी उद्योगों पर दिखाई दिया और लॉकडाउन के कारण सभी तरह का व्यापार प्रभावित हुआ। लेकिन अगरबत्ती उद्योग कोरोना काल में भी मुनाफे वाला उद्योग बन कर उभरा है। धूप एवं अगरबत्ती उद्योग सालाना 6 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। वहीं सरकार द्वारा स्वदेशी अगरबत्ती उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इसमें उपयोग होने वाले कच्चे माल व उत्पादों पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत कर दिया गया। यहां सरकार के प्रयासों का भी सकारात्मक असर भी देखने को मिला। कोरोना
काल के समय में एक नया ब्रांड एफएमसीजी सेगमेंट अगस्त 2020 में लॉंन्च हुआ और आज के समय में इसके 100 से अधिक खुशबुओं में प्रीमियम उत्पादों की रेंज उपलब्ध है। प्रभु श्री राम अगरबत्ती की गुणवत्ता को देश के लोगों ने काफी पसंद किया। आज इस ब्रांड का नेटवर्क और उपलब्धता पूरे देश में है। इस ब्रांड के प्रीमियम उत्पादों का विस्तार लगातार जारी है। प्रभु श्री राम र्ब्रांड की सफलता से उत्साहित इसके सीएमडी एवं फाउंडर प्रशांत कुमार ने कहा कि हमने प्रभु श्री राम अगरबत्ती एवं धूप की गुणवत्ता पर ज्यादा जोर दिया। ग्राहकों को प्रीमियम क्वालिटी का उत्पाद उपलब्ध कराया जिससे उनको एक बेहतरीन उत्पाद किफायती दाम में मिला। ब्रांड की लोकप्रियता छोटे शहरों में भी दिखाई दे रही है। हम इस मांग को पूरा करने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में इस उद्योग का कुल कारोबार लगभग 7500-8000 करोड़ रुपये का है। हम इस कारोबार में नये उत्पादों को लॉन्च कर अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाएंगे।
