
JAMSHEDPUR


आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जमशेदपुर अक्षेस की टीम पहुंची गोलमुरी स्थित खालसा विद्यालय वहां छात्रों को कचरा मिलाकर देने से होने वाले प्रदूषण के बारे में जानकारी दी गई छात्रों को बताया गया कि किस तरह सूखा गीला कचरा मिलाकर देने से मीथेन गैस का फॉर्मेशन होता है जो कि पर्यावरण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड से 25 गुना ज्यादा घातक है। छात्रों को वीडियो के माध्यम से डंपयार्ड में मिले हुए कचरे डालने से होने वाले प्रदूषण को दिखाया गया छात्रों ने यह भी जाना कि डंपिंग ग्राउंड में कचरा से वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल प्रदूषण एवं भूमि प्रदूषण होता है। कार्यशाला में समस्या के साथ-साथ समाधान पर भी चर्चा की गई। स्वच्छता विशेषज्ञ सौरभ कुमार ने बताया कि किस तरह कचरा नहीं मिलाने से इस समस्या से निजात आसानी से पाई जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि गीला कचरा से आसानी से खाद बनाया जा सकता है तथा सूखा कचरा का प्रबंधन भी आसान है लेकिन गीला कचरा एवं सूखा कचरा मिलाकर देने के कारण कचरा प्रबंधन करना नामुमकिन सा हो जाता है। खालसा विद्यालय के प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि गोलमुरी क्षेत्र के लिए “कचरा मिलाओ मत” अभियान में विद्यालय का पूरा सहयोग रहेगा एवं सभी छात्र छात्राओं के माध्यम से यह अभियान घर-घर तक पहुंचेगा।
विशेष पदाधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि कचरा मिलाओ मत अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द शत प्रतिशत कचरा अलग अलग इकट्ठा किया जा सके और कचरा का प्रबंधन करना सुनिश्चित किया जा सके। कार्यशाला में खालसा विद्यालय के सचिव, प्रधानाध्यापिका एवं अध्यापिका गण के साथ क्षितिज राज, ममता कुमारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक एस मजूमदार सचिन, राहुल मौजूद थे।

