
जमशेदपुर: बरसात के मौसम में बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के कड़े निर्देश पर गुरुवार को बर्मामाइंस स्थित हिन्द कुष्ठ अस्पताल (Hind Leprosy Hospital) में एक विशेष स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस कैंप में 38 कुष्ठ मरीजों सहित कुल 45 लोगों के स्वास्थ्य की गहन जांच की गई और उन्हें जरूरी दवाएं तथा उचित चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।


READ MORE :Jamshedpur News: सांसद बिद्युत बरण महतो की पहल रंग लाई, डुमरिया स्वास्थ्य केंद्र में दौड़ी बिजली
मरीजों को मिली ‘सेल्फ केयर’ और बचाव की अहम सलाह
इस शिविर में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, फार्मासिस्ट सोमेन गिरि और एल.टी. प्रभास सरदार की मेडिकल टीम ने 18 महिलाओं और 27 पुरुषों की जांच की। डॉ. राजीव लोचन महतो ने कुष्ठ मरीजों को बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने को कहा। मरीजों को दिए गए मुख्य सुझाव:
सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
मच्छरों से बचाव के लिए पूरे हाथ के कपड़े पहनें।
बारिश में भीगने से बचें और अपनी नियमित ‘सेल्फ केयर’ (Self Care) करते रहें।
भूलकर भी गर्म चीजों को न छुएं और नहाने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
समिति के अनुरोध पर सिविल सर्जन का त्वरित एक्शन
आपको बता दें कि पिछले सप्ताह ही जिला कुष्ठ कल्याण समिति के महामंत्री मो. जैनुद्दीन ने सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल से मुलाकात की थी। उन्होंने कुष्ठ आश्रमों में दोबारा स्वास्थ्य शिविर लगाने का विशेष अनुरोध किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने बिना देरी किए अविलंब संज्ञान लिया और इस कैंप का आयोजन करवाया। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही जिले के सभी कुष्ठ आश्रमों में स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सुचारू रूप से बहाल कर दी जाएंगी।
अपाल इंडिया ने की पहल की सराहना
अपाल इंडिया (APAL India) के अध्यक्ष जवाहर राम पासवान ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर ऐसे आयोजनों से ही ‘स्वस्थ भारत’ का सपना पूरी तरह साकार हो सकता है। शिविर के सफल आयोजन और मुफ्त दवाओं के वितरण पर सभी लाभार्थियों ने डॉ. साहिर पाल, डॉ. राजीव लोचन महतो, प्रभास सरदार, सोमेन गिरि और निमाई मंडल का विशेष आभार व्यक्त किया।



