
जमशेदपुर।


पूर्वी सिंहभूम जिले के उप विकास आयुक्त परमेश्वर भगत की अध्यक्षता में मनरेगा योजना को लेकर वर्चुअल माध्यम से सभी BDO /BPO के साथ समीक्षात्मक बैठक आहूत की गई है।* बैठक में वर्ष 2021-22 हेतु जिला का लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि, योजनाओं की स्वीकृति की वर्तमान स्थिति, बागवानी हेतु मिट्टी सम्बंधित कार्य (गड्ढा खुदाई, CPT) की स्थिति, चयनित/कार्यरत बागवानी सखी की संख्या, भुगतान, प्रशिक्षण आदि की वर्तमान स्थिति , Rejected transaction की स्थिति पर विमर्श किया गया एवं उप विकास आयुक्त द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए जो निमन्वत हैं-
1. प्रति पंचायत में कम से 200-250 मजदूरों को कार्य में संलग्न करना। सभी BDO को प्रति ग्राम 5-6 योजनाओं को लेने का निदेश दिया गया ताकि covid-19 के कारण सामने आयी आपदा की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक इच्छुक लोगों को मनरेगा से जोड़कर रोजगार दिया जा सके। उप विकास आयुक्त ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार दिलाने में काफी मददगार साबित हुआ है। सभी के प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को कार्य उपलब्ध कराया जा पा रहा । सभी BDO को एक बार फिर से इस आपदा की स्थिति में लोगों को रोजगार देने के लिए पूर्व तैयारी कर लेने का निदेश दिया गया।
2.100% VO एवं सखीमंडल से महिला मेट का चयन करने का निदेश दिया गया।
3. मनरेगा में कार्यरत मजदूरों को ससमय मजदूरी की राशि उनके खाते में जाए इसलिए सभी प्रखंडों को Rejected Transaction को sop के अनुरूप पुनः FTO सृजन दिनांक 15/5/2021 तक करने का निदेश दिया गया। जिला अंतर्गत कुल 305 Rejected transaction लंबित हैं। जिसमें सबसे ज्यादा बोड़ाम प्रखंड में 166 तथा पोटका, गुड़ाबांदा, धालभूमगढ़ में कोई भी मामला लंबित नहीं है।
4.BHGY 2021-22 में लक्षित 900 एकड़ की योजनाओं की स्वीकृति दिनांक 15/5/21तक करने का निदेश दिया गया।
5.कुल 49339 लंबित योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कर MIS में close करने के संबंध में विशेष रूप से PMAY (G) की योजना साथ ही
सभी कूप की योजनाओं को बारिश के पूर्व भौतिक रूप से पूर्ण करना। तथा जिन 186 योजनाओं में 100% व्यय हो चुका है उसे MIS में दो दिनों के अंदर बंद करने का निदेश दिया गया। एवं 75-100% व्यय की गई 6662 योजनाओं को एक सप्ताह के अंदर MIS में पूर्ण करने का निदेश दिया गया।

