ढाई सौ से अधिक छोटे बडे पंडालों में भक्तों के लिये विशेष व्यवस्ता
लाल किला से लेकर ढोलकपूर की नगरी बन कर तैयार
रवि कुमार झा.संवाददाता,02 अक्टुबर
शारदीय नवरात्र के लिये जमशेदपुर पूरी तरह से सज कर तैयार हो गया है। दो सौ नब्बे पूजा समितियों ने माँ दुर्गा की पूजा और भक्तों को रिझाने की लिये किसी तरह का कसर नहीं छोड रखा हैं।शहर में 220 लासेंसी और 71 गैर लाइसेंसी समितियां पूजा का आयोजन करती है। उन समितीयों ने लाल किला से लेकर ढोलकपूर की नगरी तक बनावा डाली है। जिसमें बडों के साथ बच्चों के मनोरंजन का पूरा ख्याल रखा गया है। एक अनुमान के अनुसार इस बार पूजा 15 से 16 करोड रुपये खर्च होगें।
जमशेदपुर अपने आप में अदभुत शहर है। सभी जाति और धर्म के लोग यहां मिल जायेगे। जमशेदपुर को छोटा मुंबई के रुप में जाना जाता है। जब भी किसी धर्म का पर्व हो उसे सभी मिल कर मनाते है। यह नजारा विशेष कर दुर्गा पूजा के समय दिखता है। इसके लिये महिनों पहले से तैयारी होती है। करोडों के व्यपार होते है। बाजारों में विशेष रौनक रहता है।वहीं पूजा समितियां एक से बढ कर एक पंडाल बनवाते है इसके लिये बंगाल के कारीगर को बुलाया जाता हैं विद्युत सज्जा के लिये भी कोलकाता के चंदन नगर के मिस्त्री एक से बढ कर एक लाइटिंग लगाते हैं जिसकी सुन्दरता देखते बनती है। इस दृष्य को अपने चित में कैद करने के लिये श्रद्धालू पडोसी राज्य कोलकाता,उडीसा,बिहार से जमशेदपुर आते है दुर्गा पूजा का आनन्द लेने के लिये। इस बार गोलमुरी टिनप्लेट इवनिंग क्लब ने लाल किला बनवाया है तो सिदगोडा में अमूल्य संघ ने ढोलकपूर नगरी बनवायी है। जिसमें ढोलकपूर के महराजा,बच्चो चहेता हिरो छोटा भीम,राजूष्ढोलू-गोलू,छुटकी और कालिया की भी प्रतिमा बनाया है। जो बच्चों के लिय विषेस आकर्षण का केन्द्र रहेगा।वहीं बागबेडा रोड नंबर 4 में पीतल की घंटी से पंडाल,काशीडीह में थ्रीडीह पंडाल के अलावे थाईलैंड पार्क,चीनी मठो के रुप में पंडाल देखने को मिलेगे। पूजा के दौरान उमडने वाले भीड से निपटने के लिये जिला पुलिस ने विशेष व्यवस्था किया गया है ।
