
संतोष अग्रवाल जमशेदपुर ( जादूगोड़ा).08 सितबंर
कमल मामले मे कमल के एजेंटो ने बड़ा खुलासा किया है , सोमवार को पेशी मे पहुंचे कमल के एजेंटो ने बताया की जादूगोड़ा से कमल और उसके भाई को सुरक्षित रूप से बाहर भेजने मे तत्कालीन थाना प्रभारी नन्द किशोर दास ने मुख्य भूमिका निभाई थी ।
एजेंटो ने बताया की 22 सितंबर 2013 को रात करीब 2 बजे कमल सिंह जादूगोड़ा से भागने की कोशिश कर रहा था तो उस समय छह सात एजेंटो ने कमल को पकड़ लिया था लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी एनके दास ने सभी एजेंटो को वहाँ से भगा दिया था जिसके कारण कमल उस दिन पकड़ से बच गया ।
इसके दूसरे दिन कमल के कहने पर जादूगोड़ा के भूषण प्रसाद एवं बीके सिंह ने हम एजेंटो को राजटावर के बाहर गाली गलोच एवं मारपीट किया और एजेंटो को भगा दिया गया ठीक उसी दिन 23-09-2013 रात को कमल जब जादूगोड़ा से भाग रहा था तो कई एजेंटो ने कमल को टावर के बाहर रोक लिया था उस समय कमल के पास दो बड़ा बेग भी था लेकिन उसी समय जादूगोड़ा थाना का पेट्रोलिंग जीप आ गया और उन्होने सभी एजेंटो को भागा दिया और कमल और उसके भाई दीपक को अपने साथ ले गए एजेंटो ने पीछे से पीछा किया तो उन्होने देखा की गालुडीह हाइवे तक जादूगोड़ा पुलिस ने कमल और उसके भाई को सुरक्षित पहुंचा दिया जहां से वे आराम से फरार हो गए उन्होने बताया की कमल होते समय अपने साथ बहुत से साक्ष्य भी ले गया है ।
एजेंटो ने बताया की कमल जादूगोड़ा से फरार होने के बाद कुछ दिन दिल्ली , धनबाद , रांची , नागपूर एवं अभी महाराष्ट्र मे है उसके साथ उसका पिताजी भी है एक एजेंट ने बताया की कमल रांची मे देवा ( कमल का खास एजेंट ) के साथ देखा गया था उसे पकड़ने के लिए हमने दौड़ाया भी था लेकिन वह भागने मे कामयाब रहा ।
एजेंटो का कहना है की पुलिस अभी तक कमल और उसके भाई को गिरफ्तार नहीं कर पायी है लेकिन हमने सिर्फ विटनेस मे साइन किया था उसी मे हमे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन पुलिस अभी तक कोर्ट मे चार्जशीट भी दाखिल नहीं किया है , उन्होने बताया की कमल के 100 एजेंट थे लेकिन सिर्फ गिने चुने लोगो को निशाना बनाया गया है बाकी एजेंटो पर तत्कालीन थाना प्रभारी एनके दास ने कोई कारवाई नहीं किया उन्होने कहा की पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए ।
परेशान एजेंटो ने कहा की हमे बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है एक ही मामले मे कई कई केस किए जा रहे है और हमारे समक्ष आत्महत्या के सिवा और कोई उपाय नहीं बचा है उन्होने बताया की डीएसपी वचनदेव कुजूर से मुलाक़ात कर उन्होने उनसे कहा की जिस प्रकार से निवेशक उन्हे परेशान कर रहे है हमारे समक्ष आत्महत्या के सिवा कोई उपाय नहीं है उन्होने कहा की कमल और दीपक एवं जादूगोड़ा के दो लोग कमल के मुख्य संरक्षक मुख्य आरोपी है लेकिन कारवाई सिर्फ हमारे ऊपर की जा रही है हम भी चाहते है की कमल पकड़ा जाए और हम निवेशको के साथ हर लड़ाई मिलकर लड़ने को तैयार है ।
ज्ञात हो की कमल के पिताजी का कोर्ट मे 27-08-2014 को पेशी था लेकिन वो नहीं आया । एजेंटो ने कहा की कमल के पिताजी को जिस दिन जेल से छोड़ा गया उस दिन दो बाइक मे चार लोग उसके पिताजी को अपने साथ ले गए कुछ एजेंटो ने कमल के पिताजी का पीछा भी किया लेकिन बाइक सवारों ने पिस्टल दिखाकर सभी एजेंटो को भगा दिया ।
उन्होने बताया की बहुत जल्द कमल और उसके भैया पर सभी एजेंट मिलकर केस करेंगे ।
यहाँ बता दे की उच्च न्यायालय झारखंड मे कमल मामले मे सीबीआई जांच की सुनवाई शुक्रवार को होनी है यह जानकारी पीआईएल फाइल करने वाले वकील राजीव कुमार ने दी ।



