
जमशेदपुर – खासमहल स्थित सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था की शिकायत शनिवार को सामाजिक सेवा संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल सर्जन से की। शिकायत में कहा गया कि अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी, चिकित्सक, नर्स एवं वार्ड बॉय मरीजों के साथ अक्सर डांट फटकार करते हैं। साथ ही नर्स एवं डॉक्टर समय पर राउंड पर नहीं जाते हैं। मरीजों को बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। वही साफ सफाई भी ठीक नहीं है। गर्मी के इस मौसम में अस्पताल में मात्र एक वाटर कूलर है, जो खराब है। ऐसे में मरीजों को पीने के लिए पानी अपने घरों से लाना पड़ता है या फिर खरीद कर पीना पड़ता है। उक्त सारी शिकायतें सुनने के बाद सिविल सर्जन डॉक्टर ए के लाल ने अस्पताल के सीनियर क्लर्क एवं इंचार्ज को बुलाकर फटकार लगाई तथा लापरवाह कर्मियों को चेतावनी पत्र भेजने का निर्देश दिया। साथ ही वाटर कूलर को ठीक करने एवं अस्पताल में दवाओं का स्टॉक बढ़ाने का निर्देश दिया। प्रतिनिधिमंडल को सिविल सर्जन ने आश्वस्त किया कि जल्दी ही अस्पताल की खामियों को दुरुस्त कर लिया जाएगा। साथ ही अगर कोई स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। जानकारी हो कि गोलपहाड़ी निवासी बिट्टू प्रधान के इलाज में चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही थी। इसकी शिकायत सामाजिक सेवा संघ को होने के बाद संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सारी बातों से सिविल सर्जन को अवगत कराया तथा मरीज के बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर करवाया। संघ के संयोजक राजेश सामंत ने बताया कि सदर अस्पताल में गरीब एवं आदिवासी मरीज ही ज्यादातर आते हैं। ऐसे में उनके साथ दुर्व्यवहार होना गलत है। उनके द्वारा इलाज के लिए महंगी दवाइयां खरीद पाना भी असंभव है। उन्होंने सिविल सर्जन से स्पष्ट कहा कि अगर व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री से की जाएगी प्रतिनिधिमंडल में सुधाकर लोहरा सोनू श्रीवास्तव मंगल शर्मा कृष्णा हेंब्रम आदि शामिल थे।

