
जमशेदपुर। शहर की धार्मिक संस्थाअतिउत्तम शक्ति परिवार द्धारा हर साल की तरह इस साल भी माघ शुक्ला पक्ष के
अवसर पर बागबेड़ा बड़ौदा घाट, सोनारी दोमुहानी और मानगो स्वर्णरेखा नदी से कलश में जल लाकर हरहरगुटू जय माता दी आवास पर विधिवत रूप से रूद्राभिषेक पूजा अर्चना की गयी। संस्था के संस्थापक भक्त राजा सुर्य देव उत्तम परम हंस ने सुबह सात बजे से पूजा शुरू की। दिन भर काफी दूर-दराज से सैकड़ों की संख्या में भक्तों का आना-जाना लगा रहा, लेकिन भीड़ नहीं लगने दिया गया। कोरोना से बचाव के सरकारी नियमों का पालन करते हुए तीनों नदियों पर 13-13 माताओं को कलश लेकर जल लाने के लिए भेजा गया था। सोनारी दोमुहानी नदी में जन लाने पुजारी भक्त राजा सुर्य देव उत्तम परम हंस जी स्वयं गये थे। कोरोना से बचाव के लिए पूजा भी की गयी। भक्तों द्धारा माता का भव्य श्रृंगार किया गया था। दिन भर जय माता दी के नारे गूुजते रहे। मालूम हो कि हर साल केवल एक नदी बागबेड़ा बड़ौदा घाट से कलश यात्रा हरहरगुटू जय माता दी
आवास तक निकाली जाती थी, लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण के कारण जिला एवं पुलिस प्रशासन की तरफ से अनुमति नहीं मिलने के कारण शहर के तीन प्रमुख नदियों से जल लाकर पूजा की गयी। जानकारी हो कि आमवास्या के अवसर पर 13 फरवरी शनिवार से अतिउत्तम शक्ति परिवार द्धारा माता के दरबार में जगत पुत्री राजे राजेश्वरी राज कुमारी माँ अतिउत्तमेश्वरी का 13 दिवसीय नवरात्र का शुभारंभ और 26 फरवरी को हवन होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में प्रमुख रूप से कुल्लू, दिव्यांशी, कौशल्या माता रानी, निर्मला देवी, संयुक्त देवी नोमो, संन्या, सुर्यन्शी, सुवर्ना सुर्यदेव, राधा दादी, आरती पुजा, प्रिया, किशन, उर्मिला देवी, ईश्वरी, पंकज, शशि, मनोज, गौतम, रूस्तम कुमार आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


