जमशेदपुर 6 फरवरी 2021गदरा में आनंद मार्ग का तीन दिवसीय प्रथम संभागीय सेमिनार के दूसरे दिन आनंद मार्ग के वरिष्ठ प्रशिक्षक आचार्य स्वरूपानंद अवधूत ने “समाज का गति तत्व” के विषय में
शिविर में उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुये केन्द्रीय प्रशिक्षक आचार्य स्वरूपानंद अवधूत ने “समाज का गति तत्व” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जन्म, जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म के माध्यम से व्यक्ति, परिवार,समाज, संस्कृति और सभ्यता द्वारा जीवन यात्रा करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। परमास्थिति लाभ करना ही मनुष्य जीवन का लक्ष्य है। अपनी व्यक्तिगत जीवन में परमास्थिति तभी प्राप्त होता है जबअणु कारण मन भूमा कारण मन में लय प्राप्त कर लेता है।विरति काल में अगति भाव से प्राप्त प्रेरणा ही विकास का कारण है। व्यक्तिगत जीवन में चलना ही अग्रगति है।
आचार्य ने कहा कि मनुष्य को हर समय आशावादी रहना चाहिए ।आशावाद ही जीवन का लक्षण है।
कल तीसरे दिन का विषय है “रथ एवं रथी”
