
● केयू के जल्वन्त मुद्दों, पंचायत सचिव समेत राज्य के युवाओं के रोजगार से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार को उचित निर्देश देने का किया आग्रह


जमशेदपुर।
झारखंड भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने गुरुवार को झारखंड की महामहिम राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट किया। इस दौरान पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने महामहिम से कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय के पीजी विभाग के आधारभूत संरचना की स्थित अत्यंत दयनीय है। कोल्हान विश्वविद्यालय में संथाली मुंडारी हो जैसे भाषाओं के लिए स्वतंत्रत विभाग बनाएं जाने की जरूरत है ताकि उन भाषाओं में पढ़ाई करने वाले छात्रों छात्रा को इन विषयों में उच्च शिक्षा लेने में आसानी हो। साल 2012 में पीएचडी के लिए निबंधित दो दर्जनों से ज्यादा छात्रों का अभी तक वाइवा ना हो पाने के कारण उनको अभी तक पीएचडी डिग्री से वंचित रखा गया है।वाइवा 2017 से लंबित है।
राज्य में बेरोजगारी की दर देश के औसत से काफी ऊंची है।लाखों प्रवासी मजदूर लॉक डाउन के समय घर वापस आये थे लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध नही हो पाने के कारण वो फिर से वापस पलायन करने में मजबूर है। इस संबंध पर राज्य सरकार की कोई भी कार्ययोजना धरातल पर नही दिख रही है। JSSC के मनमानी के कारण पंचायत सचिव के अभ्यर्थियों का डोक्युमेंट वेरिफिकेशन होने के बावजूद वे नियुक्ति से बंचित है। जेएसएससी की लापरवाही के चलते आठ जिलों के इतिहास नागरिक तथा कई जिलों के संस्कृत व संगीत विषय के अभ्यर्थि हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 2016 से वंचित रह गए जबकि हाईकोर्ट के 2019 वाले आदेश में नियुक्ति प्रकिया पर कोई रोक नही थी।
कुणाल षाड़ंगी ने इन विषयों पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी से सरकार को उचित दिशा निर्देश देने का आग्रह किया।

