
कर दाता के व्यापार ज्ञान का आदर और सम्मान करना चाहिए – कपिल गोयल
जमशेदपुर। सीए संस्थान आईसीएआई की जमशेदपुर शाखा द्धारा सोमवार को अपने सदस्यों के लिए आयकर अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण निर्णयों एवं विश्लेषण के ऊपर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें दिल्ली से अधिवक्ता कपिल गोयल मुख्य वक्ता थे। षहर के सीए जगदीश खंडेलवाल वेबीनार के सभापति थे।
मुख्य वक्ता कपिल गोयल ने बताया की विभिन्न माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले जो पिछले कुछ महीनों में सुनाए गए हैं, उल्लेखनीय हैं जो अदालत के आदेशों का पालन कर रहे हैंः- (1) शिव राज गुप्ता, मामला जहां शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि राजस्व को व्यापार अनुबंध में प्रवेश करने वाले कर दाता के व्यापार ज्ञान का आदर और सम्मान करना चाहिए और आमतौर पर उस व्यवसाय समझौते को अपनी धारणाओं द्वारा उसपर थोपना नहीं चाहिए। (2) एस कसी केस- यहाँ शीर्ष अदालत ने न्याय के प्रशासन में न्यायिक अनुशासन की भावना और स्वयं के बीच अदालतों की कमिटी (सम्मान) के सिद्धांत पर जोर दिया है। (3) रामनाथ और सहः- यहां शीर्ष अदालत ने कर छूट प्रावधान की कड़ाई से व्याख्या करने और राजस्व के पक्ष में जाने के लिए इस तरह के कर छूट प्रावधान में संदेह के लाभ का अवलोकन किया है। (4) श्री चैधरी परिवहन कंपनी मामले में शीर्ष अदालत ने महत्वपूर्ण रूप से उस प्रावधान को रखा है। कर अधिनियम में कड़ाई से अनुपालन किए जाने की आवश्यकता है, जैसा कि कर भुगतान पर लगाए जाने वाले व्यय की अस्वीकृति जैसे प्रतिकूल प्रभाव। अंतिम रूप से शैलेन्द्र स्वरूप में शीर्ष अदालत ने किसी भी कानून के तहत सभी स्थगन कार्यवाही में प्रभावित व्यक्ति को प्रतिनिधित्व के सार्थक अधिकार पर जोर दिया है जिसके बिना आदेश अमान्य हो जाएगा।
इस वेबीनार का संचालन सचिव सीए सुगम सरायवाला ने किया तथा स्वागत भाषण चेयरमैन सीए संजय गोयल ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन सीए योगेश शर्मा ने दिया। इस आयोजन का लाभ शहर के 150 से ज्यादा सीए ने लिया। इसे सफल बनाने में सीए विकास अग्रवाल, सीए पंकज शिंगरी, सीए सिद्धार्थ खंडेलवाल, सीए बिनोद सरायवाला आदि का सहयोग रहा।



