गोवा। फेरान कोरोमिनास के दो गोल और एक एसिस्ट के दम पर एफसी गोवा ने गुरुवार को हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन में अपने घर जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए मैच में दो बार की विजेता एटीके को 3-0 से हरा दिया।
इस जीत ने गोवा को 10 टीमों की अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया तो वहीं एटीके की अंतिम-4 में जाने की राह को बेहद मुश्किल कर दिया।
गोवा की यह इस सीजन में 15 मैचों में आठवीं जीत है और तीन अंक लेकर अब उसके 28 अंक हो गए हैं। वहीं एटीके 16 मैचों में 21 अंकों के साथ छठे स्थान पर है।
गोवा ने मैच की शुरुआत छोटे पास के माध्यम से की और पहले ही मिनट में देखते-देखते गेंद दाएं फ्लैंक पर कोरोमिनास के पास गई। उन्होंने आगे आकर गेंद जैकीचंद को दी जिन्होंने पलक झपकते ही गेंद को नेट में डाल गोवा को 1-0 से आगे कर दिया। यह गोल इतनी जलदी हुआ कि एटीके के गोलकीपर अरिंदम भट्टाचार्य को पता ही नहीं चला। साथ ही एटीके के बाकी खिलाड़ियों के अलावा दर्शकों को भी इस गोल की हवा नहीं लगी।
यह इस सीजन का अभी तक का सबसे तेज गोल है। वहीं आईएसएल में सबसे तेज गोल करने का रिकार्ड जैरी के नाम हैं जिन्होंने पिछेल सीजन में जमशेदपुर के लिए केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ वह गोल किया था।
इस गोल से गोवा फ्रंटफुट पर खेल रही थी। आठवें मिनट में ईदू बेदिया ने मंडार राव देसाई को गोल करने के सरल मौका दिया। मंडार जरूरत से ज्यादा समय लेने के कारण गोवा के खाते मे दूसरा गोल नहीं डाल सके।
14वें मिनट में एटीके के स्टार कालू ऊचे ने पहला प्रयास किया जो सीधे गोवा के गोलकीपर नवीन कुमार के हाथों में गया।
कोरोमिनास लगातार गोल करने की कोशिश कर रहे थे। 20वें मिनट में उन्हें बॉक्स के अंदर लंबा पास मिला। दाएं फ्लैंक से इस बार फिर अरिंदम के सामने चुनौती थी और उन्होंने कोरोमिनास की किक के सामने अपने आप को खड़ाकर गोवा को दूसरा गोल नहीं करने दिया।
दो मिनट बाद गोवा के पास एक और बेहतरीन और करीबी मौका था। मंडार ने बाएं फ्लैंक से गोलपोस्ट के पास से गेंद कोरोमिनास को दाएं फ्लैंक पर पहुुंचाई। .यहां लगा कि कोरोमिनास इस बार गोल कर ही देंगे लेकिन वे गेंद तक सही तरीके से पहुंच नहीं पाए।
गोवा की आक्रमणपंक्ति हावी रही और उसने लगातार हमले किए। कहीं न कहीं फिनिशिंग में कमी रहने के कारण वह पहले हाफ में दो और गोल करने से बेहद करीब से चूक गई। पहले हाफ में एटीके बैकफुट पर ही रही और गोल नहूीं कर पाई।
दूसरे हाफ में आते ही मंडार राव देसाई ने बाएं फ्लैंक से ईदू बेदिया को गोल करने का मौका दिया। यहां बेदिया की किक पोस्ट के बाहर चली गई। पहले हाफ में तमाम प्रयासों के बावजूद विफल रहने वाले कोरोमिनास दूसरे हाफ में सफल रहे।
52वें मिनट में बेदिया ने मंडार को गेंद दी। मंडार ने पोस्ट पर निशाना लगाया जिसे अरिंदम ने बाएं तरफ डाइव मार कर रोक लिया। यहां गेंद कोरोमिनास के पास गई और सामने खड़े कोरोमिनास इस बार चूके नहीं और गेंद को नेट में डाल गोवा की बढ़त को दोगुना कर गए।
खाते में दो गोल के बाद गोवा के आत्मविश्वास में गजब का इजाफा दिखा। वहीं एटीके की बॉडी लैंग्वेज कमजोर नजर आने लगी थी। यहां गोवा ने गेंद को अपने पास बनाए रखने की रणनीति अपनाई। अब उसका ध्यान सिर्फ बॉल पजेशन पर था जो उसके खिलाड़ी बिना किसी दिक्कत के कर रहे थे।
67वें मिनट में एटीके के ईदू गार्सिया ने अचानक से एक अच्छा मौका बनाते हुए गोलपोस्ट पर निशाना साधा, लेकिन नवीन कुमार ने उन्हें सफल नहीं होने दिया। इसी तरह 70वें मिनट में एक बार फिर नवीन ने गार्सिया को गोल नहीं करने दिया।
इधर नवीन ने एटीके को गोल से महरूम रखा था तो वहीं अरिंदम ने कोरोमिनास को तीन बार बेहद करीब आकर गोल करने नहीं दिया, लेकिन कोरोमिनास आज अलग ही किस्मत लेकर उतरे थे।
81वें मिनट में गोवा को पेनाल्टी मिली और कोरो इस मौके पर अरिंदम को छकाने में आसानी से सफल रहे। यहां मैंच का स्कोर गोवा के पक्ष में 3-0 हो गया था और इसी स्कोर के साथ उसकी जीत भी तय लग रही थी। गोवा को यह पेनाल्टी एटीके के डिफेंडर द्वारा कोरो को बॉक्स के अंदर गिराए जाने के कारण मिली थी।
कोरो इस मैच में अपनी हैट्रिक नहीं लगा पाए क्योंकि 83वें मिनट में कोच ने कोरो के स्थान पर जैद क्राउच को मैदान पर भेज दिया।
एटीके आखिरी तक गोल नहीं कर पाई और गोवा ने अपने खाते में एक और क्लीनशीट डालने में सफल रही।



