
जमशेदपुर।

ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर है। अक्सर यात्रा की जल्दबाजी में कई बार यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर (PRS) से जारी अपना मूल आरक्षित टिकट (हाड कॉपी) घर पर या स्टेशन पर ही भूल जाते हैं। ऐसी स्थिति में ट्रेन के अंदर पहुंचने पर यात्री जुर्माने या ट्रेन से उतारे जाने के डर से अनावश्यक रूप से परेशान हो जाते हैं। लेकिन आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय रेलवे के प्रचलित नियमों में ऐसे आपातकालीन मामलों में वास्तविक यात्रियों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने का स्पष्ट प्रावधान है।
परिजनों को प्रस्थान स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास जाना होगा
रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री काउंटर से जारी वैध आरक्षित टिकट साथ लाना भूल गया है और ट्रेन में यात्रा कर रहा है, तो उसके घर के परिजन अथवा कोई भी अधिकृत प्रतिनिधि संबंधित प्रस्थान स्टेशन (जहां से ट्रेन छूटी है) के स्टेशन मास्टर के समक्ष जाकर वह मूल टिकट (Original Ticket) प्रस्तुत कर सकते हैं। स्टेशन मास्टर द्वारा टिकट की प्रामाणिकता और पीएनआर (PNR) का तुरंत सत्यापन किया जाता है।
टीटीई और अगले स्टेशन को भेजी जाएगी आधिकारिक सूचना
स्टेशन मास्टर द्वारा मूल टिकट का सत्यापन किए जाने के उपरांत, रेलवे के आंतरिक संचार तंत्र और प्रचलित नियमों के अनुसार ट्रेन के रास्ते में पड़ने वाले संबंधित अग्रिम स्टेशन और ट्रेन में मौजूद टिकट जांच कर्मचारी (TTE) को आधिकारिक सूचना प्रेषित कर दी जाती है। इस सूचना के आधार पर रेलवे अधिकारी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हैं और वास्तविक यात्री को बिना किसी भारी जुर्माने के अपनी यात्रा सुगम रूप से जारी रखने में पूरी सहायता प्रदान करते हैं।
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केवल पीआरएस काउंटर टिकट पर ही लागू होगी यह विशेष सुविधा
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष राहत केवल रेलवे आरक्षण काउंटर (PRS) से खरीदे गए मूल आरक्षित टिकटों के मामलों में ही लागू होती है। आईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से बुक किए गए ऑनलाइन ई-टिकटों पर यह प्रक्रिया लागू नहीं होती, क्योंकि ई-टिकट को यात्री अपने मोबाइल फोन या एसएमएस (SMS) के जरिए भी टीटीई को वैध पहचान पत्र के साथ दिखा सकते हैं।
यात्री तुरंत टीटीई को सूचित करें, हेल्पलाइन 139 का लें सहारा
रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि यदि सफर के दौरान उन्हें एहसास हो कि वे अपना काउंटर टिकट भूल गए हैं, तो वे बिना डरे तत्काल ट्रेन में उपस्थित टीटीई (TTE) को इसकी सटीक जानकारी दें। साथ ही, घर पर परिजनों से संपर्क कर मूल टिकट स्टेशन मास्टर के पास जमा कराएं ताकि समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके। किसी भी प्रकार की सहायता या शिकायत के लिए रेलवे की एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 चौबीसों घंटे काम कर रही है। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षित, सुगम और परेशानी-मुक्त यात्रा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


