
जमशेदपुर।


भाजपा से अलग होने की घोषणा करते हुए सरयु रॉय ने पूर्वी और पश्चिमी जमशेदपुर दोनों जगह से चुनाव लड़ने का फैसला किया है.सरयु रॉय सोमवार को दोनों जगह से नॉमिनेशन भी फाइल करेंगे. उन्होंने साफ किया की पूर्वी में एक परिवार के भय को खत्म करने जरुरत है इसीलिए वो पूर्वी में चुनाव लड़ेंगे साथ ही पश्चिमी जमशेदपुर को भी वो नहीं छोड़ सकते जहां की जनता का भरोसा डेढ़ दशक से उनके साथ है. लिहाजा पश्चिमी का चुनाव उनके लिए कर्यकर्ता और जनता लड़ेगी. उन्होंने कहा की भाजपा से उन्होंने कभी कुछ मांगा नहीं पार्टी को जो ठीक लगा वो देती गई. इस बार भी टिकट को लेकर कोई मांग नहीं रखी गई. पार्टी ने मंशा साफ करने के बाजए सीट को पेंडिंग में डाल कर एसा महसूस कराया जैसे की कटोरा लेके भीख मांग रहे है. इसीलिए भीख से अच्छा है की कार्यकर्ता और जनता की आवाज सुनी जाए जो बीते डेढ़ दशक से पश्चिमी जमशेदपुर की परंपरा रही है.
रघुवर के लिए चुनौती-
चर्चा के दैरान भले ही उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन पूर्वी और पश्चिमी में एक परिवार के भय की चर्चा हर बात में की. उनका इशारा किस परिवार को लेकर था ये भी समझना कोई बड़ी बात नही थी.उस परिवार के खिलाफ कई उदाहरण रखते हुए कहा की शहर की जनता को डर दिखाकर कैसे परिवार राज कर रहा है इसकी पूरी गाथा उनके पास है. बीते पांच वर्षों में मीडिया ने भी केवल पांच फीसदी ही मुद्दों को उछाला है अभी 96 फीसदी मुद्दे एसे है जिन्हें सतह पर वो लाएंगे. 2005 से ही उनकी लड़ाई भय,भुख और भ्रष्टाचार के खिलाफ रही है सरकार में रहने के बावजूद भी उन्होंने अपनी लड़ाई को कभी भी कमजोर नहीं होने दिया. अब इन्ही मुद्दों को लेकर वो पूर्वी की जनता के बीच जाएंगे जहां एक परिवार की दंबगई से शहर में पनप रहे आतंक और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होंगें. उन्होंने साफ कर दिया की भाजपा से लेकर प्रधान मंत्री तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का या तो ढोंग करते है या फिर हकिकत से वाकिफ नहीं है. किसी एक नेता के फीडबैक पर फैसला लेने का खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ सकता है.

