
जमशेदपुर।


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के दो वक्तव्य आज के समाचार पत्रों में छपे हैं। पहले समाचार में उन्होंने ईवीएम हैकर्स के होटल में ठहरे होने के बारे में मेरे द्वारा राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को दूरभाष पर दी गयी जानकारी है। जिसे श्री सहदेव ने झूठा बताया। इसके बाद में उन्होने कहा कि जिस हेमंत सोरने को मैंने पूर्व में भ्रष्टाचारी बताया था उसी का प्रचार करने दूमका जा रहा हूँ।
ईवीएम के विशेषज्ञों का एक बड़ा दल जिसमें करीब 30 विशेषज्ञ शामिल थे बैंगलोर और भोपाल से रांची आया था। इसकी जानकारी बैंगलोर के मेरे एक मित्र द्वारा मुझे दी गयी थी, जिसकी जानकारी मैंने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री विनय कुमार चैबे को दिया था। उनका एक वक्तव्य भी अखबारों पर छपा है कि मेरे द्वारा दी गयी जानकारी सही नहीं है। विश्वसनीय सूत्रों ने मुझे बताया है कि 30 के करीब ईवीएम के विशेषज्ञों का एक दल जिसमें इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियर और तकनीशियन भी शामिल हैं चार दिन पहले रांची आया था और रांची के इमराल्ड एवं अन्य 3 होटल पर ठहरा था। ये सभी ईवीएम विशेषज्ञ इलेक्ट्रोनिक्स काॅर्पोरेशन आॅफ इंडिया से संबंधित हैं, जिसका मुख्यालय बैंग्लोर में है।
अगले दो चरण में होने वाले चुनाव के ईवीएम और वीवीपैट को फिर से है जिसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी है और रांची जिला के पुलिस पदाधिकारी तथा प्रशासनिक पदाधिकारी को भी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सत्ताधारी दल के प्रवक्ता प्रतुल सहदेव को बताना चाहिए कि इलेक्ट्रोनिक काॅर्पोरेशन आॅफ इंडिया द्वारा भेजे गये इलेक्ट्रोनिक इंजीनियर और तकनीशियनों ने तीन दिनों तक अगले 2 चरण के चुनाव में उपयोग में लाये जाने वाले ईवीएएम और वीवीपैट के साथ क्या किया है। यदि मेरी यह सूचना सही नहीं है तो इस बारे में राज्य निर्वाचन अधिकारी, रांची की पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल सहदेव को इसका खंडन करना चाहिए और गलत करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। यदि मेरी यह सूचना सही नहीं है तो मैं कोई भी सजा भूगतने के लिए तैयार हूँ।
श्री सहदेव के दूसरे कथन के बारे में मैं यह बताना चाहता हूँ कि पिछले 5 वर्षों में और इसके पूर्व भी मैंने हेमंत सोरेन को सार्वजनिक रूप से कभी भ्रष्टाचारी नहीं कहा है। केवल एक बार मैंने उन्हें कतिपय तथ्यों से अवगत कराया था, जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। इसके बारे में उस समय हेमंत सोरेन की सरकार के मंत्री श्री राजेन्द्र सिंह ने इस बारे में मुझे स्पष्टीकरण दिया था। मैंने तो प्रधानमंत्री तक को यह कहा है कि जब कोई व्यक्ति मुझसे यह कहता है कि आपकी सरकार से अच्छा तो हेमंत सोरेन की सरकार थी, तो मुझे शर्मिंदा होना पड़ता है। मैंने मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ भी कई आरोप लगाया है तथा इसकी लिखित जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन मंत्री को दिया है। उसके बारे में भी प्रतुल सहदेव को कुछ कहना चाहिए। श्री सहदेव को अपनी याददाश्त पर जोर डालने की नसीहत देते हुए कहना चाहता हूँ कि जिस शिबु सोरेन की सरकार में श्री रघुवर दास उपमुख्यमंत्री थे आज उन्हें ही भ्रष्ट कहते फिर रहे हैं। 2015 तथा 2016 में 2 वर्षों तक कोई भी ऐसा पखवाड़ा नहीं बितता था जब रघुवर दास मुख्यमंत्री रहते उनका घर नहीं जाते थे और अपने आप को श्री शिबु सोरेन का असली बेटा बताते हुए नहीं थकते थे। वे कहते थे कि मैं ही श्री शिबु सोरेन का विरासत संभालने वाला असली पुत्र हूँ हेमंत सोरेन नहीं। इन 2 वर्षों में एक बार उन्होंने 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस पर हरी पगड़ी बाँधकर राष्ट्रीय घ्वज फहराया। ये सारी बातें और चित्र अखबार में प्रकाशित हैं। मेरे ऊपर आरोप लगाने के पहले प्रतुल सहदेव को ये सवाल रघुवर दास से करना चाहिए।

