
देवघऱ । मकरसंक्रांति के अवसर पर बाबा मंदिर में जलार्पण करने हेतु सुबह से हीं श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गयी थी। नव वर्ष के पहले पर्व की वजह से आज के दिन की महत्ता बढ़ जाती है। इस अवसर पर सरदारी पूजा के क्रम में बाबा बैद्यनाथ को तिल चढ़ाने के साथ मकरसंक्रांति पर्व की शुरूआत की गयी। दो पहर को बाबा मंदिर परिसर में खिचरी का भोग तैयार करने के उपरांत श्रीयंत्र मंदिर में खिचरी व दहीे भोग पूरे मास तक लगाने की परम्परा की शरूआत की गयी। कर ही ऐसे में बाबा को जलार्पण करने हेतु आज काफी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रतीक्षारत देखा गया। आज के दिन जहाँ लोग जहां दही-चूड़ा खिचड़ी,
तिल खाकर घूम-फिर कर आनन्द लेना चाहते हैं। वहीं जलार्पण हेतु श्रद्धालुओं की तादाद में हुआ इजाफा इस बात का प्रमाण है कि आस्था का कोई और विकल्प नहीं हो सकता। बाबा के प्रति लोगों के मन में आस्था पहले भी विद्यमान थी, आज भी है और आगे भी इसी प्रकार रहेगी।
जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई थी, ताकि श्रद्धालुओं की कतार ज्यादा दूर तक न जाय व श्रद्धालु आसानी से बाबा का जलार्पण कर सके।
उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने मंदिर परिसर में घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा सुरक्षाकर्मियों को निदेशित किया गया कि वे जलार्पण की गति को बढ़ायें, ताकि कतार को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इनके अतिरिक्त मंदिर परिसर व इसके इर्द-गिर्द प्रतिनियुक्त अन्य कर्मियों को भी अपने कार्यें का निष्पादन सही ढंग से करते देखा गया।
आज सुबह मंदिर पट खुलने के पश्चात बाबा का जलार्पण शुरू होते हीं पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान हो गया। मंदिर में जलार्पण के पश्चात् लोग काफी उत्साहित भी दिखें। आज बहुतायात संख्या में निःशक्त, वृद्ध, बच्चे व महिलाओं को भी बाबा को जलार्पण करते देखा गया। मकरसंक्राति के अवसर पर जलार्पण करने की एक सुखद अनुभूति उनमें देखी गयी।
साथ हीं उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा द्वारा मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि साल के पहले पर्व की शुरूआत से सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर बढ़ने के साथ ऋतु परिवर्तन का सदेंश लेेकर आता है। खुशी और हर्षो-उल्लाष के साथ इस पर्व को मिल जूल कर सभी मनायें।



