
रांची।
राज्यपाल रमेश बैस ने स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुःख व शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि लता जी ने अपने गायन से पूरे विश्व में अमिट पहचान स्थापित की। भारतीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान को सदा स्मरण किया जायेगा। प्रखर देशभक्त व प्रेरणादायी व्यक्तित्व लता जी का जाना पूरे देशवासियों एवं कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्यपाल महोदय ने कहा कि पूरी दुनिया के संगीतप्रेमी आज उदास हैं। उनकी सुरीली आवाज हमेशा हमारे बीच गूंजती रहेगी। उन्होंने इस महान पुण्यात्मा के प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ईश्वर शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने कहा- लता जी भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों पर राज करेगी
वही मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भारतरत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि लता जी के निधन से मर्माहत हूं। यह देश और देशवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है। आज हर किसी की आंखें नम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने विभिन्न भाषाओं में लगभग तीस हज़ार गानों को अपनी सुरीली आवाज दी थी । उनकी आवाज ही उनकी पहचान थी । आज उनके हमारे बीच नहीं होने से सुरों का एक कारवां थम सा गया है। लेकिन, वे अपनी आवाज से हमेशा हमारे दिलों में राज करेंगी। लता जी भले ही इस दुनिया में अब नहीं है, लेकिन उनके गाने हमेशा उनकी याद दिलाती रहेगी। परमात्मा दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दे एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
_अलविदा लता दीदी।_
स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर 2 दिवसीय राजकीय शोक
राँची। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशानुसार झारखंड सरकार, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा सूचित किया गया है कि कुमारी लता मंगेशकर का निधन हो गया है। उनके सम्मान में भारत सरकार द्वारा दिनांक 06 फरवरी 2022 से दिनांक 07 फरवरी 2022 तक दो दिवसीय राजकीय शोक मनाने का निर्णय लिया गया है।
उक्त तिथि को झारखंड राज्य के उन सभी भवनों, जहाँ नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाते है, पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगें एवं किसी भी प्रकार के राजकीय समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा।


