
देवघर जिले के शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले नौनिहालों और छोटे बच्चों की सुविधा को देखते हुए एक बड़ी पहल की गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार, जिले के सभी प्रखंडों में रोस्टर प्रणाली के तहत पंचायत भवनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 01 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज, 03 जून 2026 को जिले के सभी 08 प्रखंडों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष कैंपों का आयोजन किया गया, जहाँ भारी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का आधार पंजीकरण कराने पहुंचे।

सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना मुख्य उद्देश्य
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के हर एक बच्चे का आधार कार्ड सुनिश्चित करना है। बच्चों का आधार बनने से उन्हें आंगनबाड़ी और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सकेगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण दस्तावेज से वंचित न रहे। उपायुक्त ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने-अपने प्रखंड के रोस्टर के अनुसार नजदीकी पंचायत भवन में पहुंचकर 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड अवश्य बनवाएं।
आज इन पंचायतों में लगाए गए विशेष कैंप
जिला प्रशासन द्वारा आज से 0-5 साल तक के बच्चों के लिए चिन्हित किए गए आधार इन्रॉलमेन्ट कैम्पों की शुरुआत कर दी गई है। इसके तहत आज निम्नलिखित पंचायतों में कैंप आयोजित किए गए:
करौं प्रखण्ड: नागादरी पंचायत
मधुपुर प्रखण्ड: पसिया पंचायत
मारगोमुण्डा प्रखण्ड: पिपरा पंचायत
मोहनपुर प्रखण्ड: बिचगढ़ा पंचायत
पालोजोरी प्रखण्ड: मटियारा पंचायत
सारठ प्रखण्ड: बोचबांध पंचायत
सारवां प्रखण्ड: भंडारो पंचायत
सोनारायठाढ़ी प्रखण्ड: मगडीहा पंचायत
बच्चों के आधार के लिए जरूरी दस्तावेज
छोटे बच्चों (0-5 वर्ष) के नए आधार नामांकन के लिए जिला प्रशासन ने जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत कैंप में जाते समय माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड और बच्चे का वैध जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों के बिना नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी।
अधिकारियों को कड़ी मॉनिटरिंग के निर्देश
इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर इस अभियान की कड़ाई से मॉनिटरिंग करें। अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि शत-प्रतिशत बच्चों का आधार कार्ड बनाया जा सके।


