
झारखंड का औद्योगिक हृदय कहे जाने वाले गम्हरिया प्रखंड में पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) की नियुक्ति नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गम्हरिया का प्रभार फिलहाल अंचल अधिकारी के अतिरिक्त जिम्मे है। भाजपा नेत्री रश्मि भेंगरा का आरोप है कि इसका सीधा असर पंचायतों की विकास योजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है।
रश्मि बताती है कि गम्हरिया के अंतिम नियमित बीडीओ का स्थानांतरण 16 अगस्त 2025 को हुआ था। इसके बाद से आज तक इस पद पर किसी अधिकारी की नियमित नियुक्ति नहीं की गई।


गम्हरिया छोटा प्रखंड नहीं, सबसे अधिक कार्यभार वाले क्षेत्रों में शामिल
गम्हरिया प्रखंड में 21 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 8 पंचायतें प्रशासनिक रूप से गम्हरिया प्रखंड में शामिल हैं, लेकिन उनका राजस्व क्षेत्र सरायकेला अंचल के अधीन है। इसके अलावा आदित्यपुर नगर निगम के 35 वार्डों से जुड़े अनेक विकास एवं समन्वय कार्य भी इसी प्रखंड प्रशासन के माध्यम से संचालित होते हैं। औद्योगिक क्षेत्र, बड़ी आबादी और ग्रामीण-शहरी मिश्रित प्रशासनिक ढांचे के कारण यह प्रखंड सामान्य प्रखंडों की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील माना जाता है।
सरकार के अपने फैसले पर भी उठ रहे सवाल
हाल ही में झारखंड सरकार ने निर्णय लिया है कि 12 से अधिक पंचायत वाले प्रखंडों में बीडीओ और अंचल अधिकारी के अलग-अलग पदस्थापन की व्यवस्था रहेगी, जबकि कम पंचायत वाले प्रखंडों में आवश्यकता के अनुसार एक अधिकारी को दोनों का दायित्व दिया जा सकेगा।
ऐसे में रश्मि ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है कि 21 पंचायतों और दो लाख से अधिक आबादी वाले गम्हरिया प्रखंड में पिछले एक वर्ष से नियमित बीडीओ का नहीं होना सरकार की घोषित नीति की भावना के विपरीत प्रतीत होता है। जब सरकार स्वयं बड़े प्रखंडों में अलग बीडीओ और सीओ की आवश्यकता स्वीकार कर चुकी है, तब गम्हरिया जैसे महत्वपूर्ण प्रखंड को अब तक नियमित बीडीओ क्यों नहीं मिला?
विकास योजनाओं पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि पंचायतों की योजनाओं की स्वीकृति, विकास कार्यों की समीक्षा, ग्राम सभाओं से जुड़े विषय, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, पंचायत स्तरीय विकास योजनाओं सहित कई कार्यों की गति प्रभावित हो रही है। वहीं अंचल अधिकारी पर भूमि, दाखिल-खारिज, राजस्व, अतिक्रमण और न्यायिक प्रकृति के मामलों का पहले से ही भारी दबाव है।
सरकार से तत्काल नियुक्ति की मांग
रश्मि भेंगरा ने उपायुक्त, सरायकेला – खरसावां के माध्यम से सरकार से मांग की है कि गम्हरिया प्रखंड में अविलंब नियमित प्रखंड विकास पदाधिकारी की नियुक्ति की जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक पदस्थापन का मामला नहीं, बल्कि दो लाख से अधिक आबादी, 21 पंचायतों और औद्योगिक क्षेत्र के समुचित विकास का प्रश्न है।



